Posts

नकारात्मक विचारों का कारण कुंडली में पिशाच योग- मनीष साईं

Image
नकारात्मक विचारों का कारण  कुंडली में पिशाच योग- मनीष साईं जन्मकुंडली में  सैकड़ों तरह के लोग होते हैं  उनमें से एक  योग  पिशाच योग कहलाता है  जो कि राहु के कारण उत्पन्न होता है। पिशाच योग राहु द्वारा निर्मित योगों में यह नीच योग है।पिशाच योग जिस व्यक्ति की जन्मपत्री में होता है वह प्रेत बाधा का शिकार आसानी से हो जाता है।इनमें इच्छा शक्ति की कमी रहती है ।इनकी मानसिक स्थिति कमज़ोर रहती है, ये आसानी से दूसरों की बातों में आ जाते हैं.इनके मन में निराशात्मक विचारों का आगमन होता रहता है।कभी कभी स्वयं ही अपना नुकसान कर बैठते हैं। ◾◾आइए जानते हैं पिशाच योग कैसे बनता है- ▪किसी कुंडली में राहू या केतु सप्तम भाव में होने पर जीवन में पिशाच बाधा होने की कभी संभावना बन सकती है। ▪किसी जातक की जन्म कुंडली में लग्न में राहू ग्रस्त चन्द्रमा होने और पंचम और नवंम में पापग्रस्त शनि और मंगल होने पर पिशाच बाधा हो सकती है। ▪लग्न में शनि-राहू युति कभी पिशाच बाधा दे सकती है। ▪लग्न में केतु किसी भी पापी ग्रह से युत या दृष्ट होने पर पिशाच बाधा दे सकता है। ▪लग्न में ...

मंगल के प्रभाव से इन दिग्गज हस्तियों के जीवन में आएगा बदलाव -मनीष साईं

Image
🚩मंगल के प्रभाव से इन दिग्गज हस्तियों के जीवन में आएगा बदलाव -मनीष साईं ▪अमित शाह, शिवराज, वसुंधरा और येदुरप्पा के लिए अशुभ समय ▪राहुल गांधी और सिद्धरमैया के लिए शुभ 2 मई को मंगल राशि बदलकर मकर राशि मैं प्रवेश किया है। देश के कई राजनीतिज्ञ एवं ब्यूरोक्रेट्स के जीवन में मंगल के प्रभाव से लाभ और नुकसान संभावित है। ज्योतिष के अनुसार मकर राशि में स्थित होने पर मंगल को उच्च का मंगल कहा जाता है जिसका साधारण शब्दों में अर्थ यह होता है कि मकर राशि में स्थित होने पर मंगल अन्य सभी राशियों की तुलना में सबसे बलवान हो जाते हैं। मेरा मानना है कि कुंडली में उच्च का मंगल सदा शुभ फलदायी होता है जो सत्य नहीं है क्योंकि कुंडली में मंगल का उच्च होना केवल उसके बल को दर्शाता है तथा उसके शुभ या अशुभ स्वभाव को नहीं जिसके चलते किसी कुंडली में उच्च का मंगल शुभ अथवा अशुभ दोनों प्रकार के फल ही प्रदान कर सकता है जिसका निर्णय उस कुंडली में मंगल के शुभ- अशुभ स्वभाव को देखकर ही लिया जा सकता है। मंगल के राशि परिवर्तन के कारण टूटते-बनते ग्रह योग की समीक्षा करने से मालूम देता है कि यह महीना देश की राजनीति के लि...

मकर राशि मैं 2 मई को मंगल कर रहा है प्रवेश कई लोगो की किस्मत का बदलेगा सितारा-मनीष साई

Image
🚩🚩मकर राशि मैं 2 मई को मंगल कर रहा है प्रवेश कई लोगो की किस्मत का बदलेगा सितारा-मनीष साई 2 मई को मंगल राशि बदल कर धनु राशि से निकल कर मकर राशि पर प्रवेश कर रहा है, ज्योतिष के अनुसार मकर राशि में स्थित होने पर मंगल को उच्च का मंगल कहा जाता है जिसका साधारण शब्दों में अर्थ यह होता है कि मकर राशि में स्थित होने पर मंगल अन्य सभी राशियों की तुलना में सबसे बलवान हो जाते हैं। कुछ ज्योतिषी यह मानते हैं कि कुंडली में उच्च का मंगल सदा शुभ फलदायी होता है जो सत्य नहीं है क्योंकि कुंडली में मंगल का उच्च होना केवल उसके बल को दर्शाता है तथा उसके शुभ या अशुभ स्वभाव को नहीं जिसके चलते किसी कुंडली में उच्च का मंगल शुभ अथवा अशुभ दोनों प्रकार के फल ही प्रदान कर सकता है जिसका निर्णय उस कुंडली में मंगल के शुभ अशुभ स्वभाव को देखकर ही लिया जा सकता है। मंगल अपनी राशि जरूर बदलेगा पर अन्य ग्रह ज्यों के त्यों ही अपने-अपने स्थान पर टिके रहते हैं। मंगल के राशि परिवर्तन के कारण टूटते-बनते ग्रह योग की समीक्षा करने से मालूम देता है कि यह सप्ताह बड़ा महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इसमें जोरदार उठा-पटक भी होगी तथा एक ल...

कर्ज और रोग का कारण गड्ढा या बोरिंग तो नहीं-मनीष साई

Image
कर्ज और रोग का कारण घर का बोरिंग या गड्ढा तो नहीं,जानिए क्या कहता है वास्तु -मनीष साईं व्यक्ति जीवन में  बहुत सपने संजोकर जैसे तैसे  अपना घर बनाता है। उस घर में जाने के बाद  उसके आर्थिक हालात  खराब होते है, या परिवार के सदस्य  रोग से ग्रसित होते हैं पिया घर में हमेशा मानसिक तनाव बड़ा रहता है और झगड़े होते हैं तो उसका जीवन  नर्क के समान हो जाता है। घर के लिए वो जी तोड़ मेहनत करता है। कई बार ऐसी स्थिती हो जाती है की हाथ में पैसा होता है लेकिन चाह कर भी घर समय पर पूरा नहीं हो पाता या बेचने की कगार पर आ जाता है। नए घर में आकर पारिवारिक सदस्यों में मतभेद आरंभ हो जाते हैं एवं सुख चैन में कमी आ जाती है। रेमेडियल वास्तु के अनुसार इन सभी कारणों के पीछे वास्तु दोष का बड़ा हाथ हो सकता है। वास्तु दोष से होने वाली परेशान‌ियों से बचने के लिए रखें ध्यान और कुछ आसान उपायों से इसे ठीक करें। घर के दक्षिण-पूर्व में बोरिंग या गड्ढा होना घर में रहने वाले लोगों के लिए बड़े रोगों का कारण बन सकता है। वहीं उत्तर-पश्चिम में गड्ढा होना शत्रुता को जन्म दे सकता है कर्ज़ भी बढ़ात...

पति पत्नी में अनबन है ? यह सटीक उपाय से उन्हें दूर करें- मनीष साईं

Image
🚩🚩पति पत्नी में अनबन है ? यह सटीक उपाय से उन्हें दूर करें- मनीष साईं ज्योतिष शास्त्र में गृह कलह के यूं तो बहुत सारे कारण होते हैं लेकिन ज्योतिष एवं वास्तु की दृष्टि से गृह कलह ग्रहों के दोषपूर्ण या अशुभ दशा होने अथवा भवन में एक या अनेक वास्तु दोष होने से भी गृह कलह उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। संभावित गृह कलह के निवारण के लिए वर-कन्या के विवाह से पहले अगर सही तरीके से कुंडली में गुणों का मिलान करवा लिया जाए तो अच्छा रहता है। ज्योतिष शास्त्रों में उल्लेखित है कि मंगल, शनि और राहु ग्रहों के विभिन्न भावों में बैठे होने से उन भावों से संबंधित रिश्तों में मतभेद और कलह देखा जा सकता है। इसके निवारण के लिए उस दोषपूर्ण ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान, मंत्र जप, पूजा-पाठ, रत्न या रुद्राक्ष धारण करने से भी लाभ मिलता है। ◾आइए जानते हैं आजमाए हुए अचूक उपाय- ▪घर-परिवार में सुख-शांति और प्रेम भाव बनाए रखने के लिए भोजन बनाते समय सबसे पहली रोटी के बराबर चार टुकड़े करके एक गाय को, दूसरा काले कुत्ते को, तीसरा कौए को खिलाना चाहिए तथा चौथा टुकड़ा किसी चौराहे पर रख देना चाहिए। ▪ प्रति...

प्रेम विवाह करने के आसान उपाय - मनीष साईं

Image
🚩🚩प्रेम विवाह करने के  आसान उपाय - मनीष साईं यदि आप किसी से प्रेम करते हैं, और विवाह में अड़चन आ रही है, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। हमारे शास्त्रों में कुछ उपाय ऐसे बताए गए हैं,आध्यात्मिक जिनके माध्यम से हम प्रेम विवाह करने में सफल हो सकते हैं।मेरा यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है।अवश्य पढ़ें। कृपया लिंक पर क्लिक करें और यह महत्वपूर्ण आलेख पढ़ें। www.gurumanishsai.com/2018/04/21/प्रेम-विवाह-करने-के-अचूक-उ/

शत्रुओं को परास्त करेगा यह मंत्र -मनीष साईं

Image
🚩🚩शत्रुओं को परास्त करेगा यह मंत्र -मनीष साईं शत्रुओं के कारण मनुष्य अपनी प्रगति नहीं कर पाता, जीवन सुखमय व्यतीत नहीं कर पाता, हमेशा तनाव में रहता है।शत्रु घर में भी होते हैं और बाहर भी होते हैं इनसे निपटने के लिए एक बहुत ही अच्छा उपाय मंत्र चिकित्सा का आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। मेरा अनुभव है कि इस उपाय को करने से आपको बहुत लाभ होगा तथा आपके शत्रु परास्त होंगे। ◾◾शत्रु परास्त करने का मन्त्र- “कर सारंग साजि कटि भाथा । अरि दल दलन चले रघुनाथा ।।” ▪मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ- कहीं पर प्रभु श्री राम की प्रतिमा देखकर इस अनुष्ठान का शुभारम्भ करें । एक कमलगट्टा लेकर प्रतिमा के पास जाएं और उनके पाँव में इसे रखकर इस मन्त्र के 1000 पाठ करें । पाठ के पश्चात् कमलगट्टा उठा लाएं और कहीं छुपा लें । दूसरे दिन दूसरा कमलगट्टा लेकर पुनः उपरोक्त क्रिया करें और उसी कमलगट्टे के साथ इस कमलगट्टे को रखकर छुपा लें । इसी भाँति 40 दिन करना होगा । इस अनुष्ठान की समाप्ति पर आपके पास 40 कमलगट्टे एकत्र हो जाएँगे । इन्हें एकान्त में पीस लें और चूर्ण बना लें । इस चूर्ण में अपनी कनिष्ठा का रक्त,...