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राशि और कुंडली में ग्रहों की स्थिति से तय होता है व्यक्ति का व्यवसाय, ▪जानिए आपकी असफलता के पीछे कहीं आपकी राशि का व्यवसाय से मेल है या नहीं? ▪ यदि व्यवसाय शुरू करने वाले हैं तो जरूर जानिए कि आपकी कुंडली और राशि क्या कहती है। कई लोग व्यापार या नौकरी बहुत उत्साह से शुरु करते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में उनका उत्साह  खत्म हो जाता है। अच्छी कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी मिली लेकिन जल्दी छूट जाती है। विश्व के प्रसिद्ध वास्तु,ज्योतिष एवं तंत्र गुरु श्री मनीष साईं जी के अनुसार  व्यक्ति के जीवन में  व्यवसाय के रूप में वह क्या करेगा यह कुंडली एवं राशि के अनुसार तय होता है। जो व्यक्ति बिना जाने बिना सोचे व्यवसाय शुरू करता है उसकी सफलता का आकलन किया जाए तो वह बहुत कम होती है। आज मैं आपको राशियों के अनुसार क्या व्यापार करना चाहिए इसके बारे में बता रहा हूं। ▪1-मेष: – पुलिस अथवा सेना की नौकरी, इंजीनियंिरंग, फौजदारी का वकील, सर्जन, ड्राइविंग, घड़ी का कार्य, रेडियो व टी.वी. का निर्माण या मरम्मत, विद्युत का सामान, कम्प्यूटर, जौहरी, अग्नि सम्बन्धी कार्य, मेकेनिक, ईंटों का भट्टा, क...

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

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राखी बांधने का शुभ मुहूर्त भारत की संस्कृति में  कुछ ही त्यौहार ऐसे हैं  जिन्हें बड़े उत्साह से मनाया जाता है उनमें से एक त्यौहार रक्षाबंधन का त्यौहार है ।भाई-बहन के प्रेम का त्योहार रक्षा बंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार यह 26 अगस्त रविवार के दिन है। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी  के अनुसार इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा नहीं हैं। यही नहीं इस बार करीब 11 घंटे तक राखी बांधने का मुहूर्त है। मनीष साईं जी के मुताबिक इस बार भद्रा नक्षत्र सूर्योदय से पहले ही खत्म हो रही है। इसलिए राखी बांधने के समय भद्रा नहीं रहेगा। ज्योतिष के मुताबिक भद्रा में राखी नहीं बांधी जाती। ▪राखी बांधने का मुहूर्त- शुभ मूहुर्त सुबह 5:59 बजे से शाम 5:25 बजे तक सावन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ = 25 अगस्त 2018, शनिवार 15:16 बजे सावन पूर्णिमा तिथि समाप्त = 26 अगस्त 2018, रविवार 17:25 बजे इस बार बहने शाम 5 बजकर 12 मिनट तक राखी बांध सकती हैं। मनीष साईं के अनुसार रक्षा बंधन के दिन थाली सजाकर भाई की आरती उतारनी चाहिए।  और इस मंत्र के साथ रक्षा बंधन मन...

गृह क्लेश निवारण-पति-पत्नी में प्यार बढ़ाएंगे यह आध्यात्मिक उपाय -मनीष साईं

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गृह क्लेश निवारण पति-पत्नी में प्यार बढ़ाएंगे यह आध्यात्मिक उपाय -मनीष साईं जीवन में व्यक्ति की तरक्की  और उसकी खुशहाली  के पीछे  उसका परिवार  एवं पति पत्नी के बीच  आपसी सामंजस होता है, ऐसा माना जाता हैं की जिस घर में क्लेश होता है, वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो कि खुशनुमा जीवन नहीं जीना चाहता, हर व्यक्ति चाहता है कि उसके परिवार में शांति बनी रहे तथा सुकून रहे। संपूर्ण विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां संस्कारों के चलते पति पत्नी ना चाहते हुए भी एक दूसरे के साथ रहते हैं। कई परिवारों से  मैंने बातचीत की  और इस पर गहन चिंतन किया तो यह बात सामने आई कि लाख मुश्किलों में भी रहकर अपने बच्चों की खातिर पति पत्नी एक दुसरे से अलग नहीं होते और जैसे तैसे अपने जीवन को बिताते हैं। इन सब कारणों से हर आदमी के मन में ये इच्छा होती हैं की काश उसके घर में कलह नही हो , गृह क्लेश ना हो , सब लोग शांति पूर्वक रहे। कुछ उपाय मैं आज आपको ऐसे बताने जा रहा हूं जिसके माध्यम से एक तरफ जहाँ आप अपनी स्वभाव में थोड़ा बहुत परिवर्तन कर गृह क्ल...

प्रॉपर्टी नहीं बिक रही है तो यह उपाय करें तत्काल बिक जाएगी :मनीष साईं

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आपकी प्रॉपर्टी नहीं बिक रही है तो यह उपाय करें तत्काल बिक जाएगी :मनीष साईं आज सबसे ज्यादा मामले  रियल स्टेट की मेरे पास आ रहे हैं  और इन मामलों को देखते हुए एक छोटा सा उपाय आपके सामने  प्रस्तुत कर रहा हूं और इस उपाय से  90% लोगों को लाभ हुआ है मेरी पुस्तक  रेमेडियल वास्तु में  इन उपायों की विस्तृत जानकारी है । यदि आप अपना मकान, दुकान या कोई अन्य प्रापर्टी बेचना चाहते हैं और वह बिक नहीं रही, तो बाजार से 86 साबुत बादाम ले आएं। सुबह नहा-धोकर, बिना कुछ खाए, दो बादाम लेकर मंदिर जाएं। दोनों बादाम मंदिर में शिवलिंग या शिव जी के आगे रख दीजिए। हाथ जोड़ कर भगवान से प्रापर्टी के बेचने की प्रार्थना कीजिए और उन दो बादामों में से एक बादाम वापस ले आएं। उस बादाम को लाकर घर में कहीं अलग रख दें। ऐसा आपको 43 दिन तक लगातार करना है।  43 दिन के बाद जो बादाम आपने घर में इकट्ठा किए हैं उन्हें बहते जल, नदी आदि में बहा दें। यदि 43 दिन से पहले ही आपका सौदा हो जाए तो भी उपाय को अधूरा नहीं छोडऩा चाहिए। 🚩🚩साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन वेद और वैज्ञानिक रिसर्च के माध्...

अंगारक योग से बचने के सटीक उपाय

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विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साई जी के अनुसार आप जानते हैं आपका क्रोधी स्वभाव  कहीं कुंडली में  बने  मंगल  एवं राहु  तथा मंगल एवं केतु के कारण तो नहीं क्योंकि मंगल के साथ यदि राहु केतु होते हैं तो अंगारक योग बनता है। कुंडली में मंगल का राहु अथवा केतु में से किसी के साथ स्थान अथवा दृष्टि से संबंध स्थापित हो जाए तो ऐसी कुंडली में अंगारक योग का निर्माण हो जाता है जिसके कारण जातक का स्वभाव आक्रामक, हिंसक तथा नकारात्मक हो जाता है तथा इस योग के प्रभाव में आने वाले जातकों के अपने भाईयों, मित्रों तथा अन्य रिश्तेदारों के साथ संबंध भी खराब हो जाते हैं। गुरू देव मनीष साईं जी के अनुसार किसी कुंडली में अंगारक योग बन जाने पर ऐसा जातक अपराधी बन जाता है तथा उसे अपने अवैध कार्यों के चलते लंबे समय तक जेल अथवा कारावास में भी रहना पड़ सकता है। किन्तु यहां पर यह बात ध्यान देने योग्य है कि वास्तविकता में किसी जातक को अंगारक योग के साथ जोड़े जाने वाले अशुभ फल तभी प्राप्त होते हैं जब कुंडली में अंगारक योग बनाने वाले मंगल, तथा राहु अथवा केतु दोनों ही अशुभ हों...

चंद्र -मंगल की युति बनाती है मालामाल, अशुभ होने पर देती है बुरे परिणाम -मनीष साईं

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चंद्र -मंगल की युति बनाती है मालामाल, अशुभ होने पर  देती है बुरे परिणाम -मनीष साईं *शुभ अशुभ स्थिति का पूर्ण विश्लेषण तथा सटीक उपाय के लिए लेख अवश्य पढ़ें। हर ग्रह का कुंडली में महत्व होता है,लेकिन कुछ ग्रह ऐसे हैं जिनका प्रभाव बहुत अच्छा होता है तो कई बार ग्रहों की चाल में  असंतुलन होने से बुरा प्रभाव भी पड़ता है। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु श्री मनीष साई जी के अनुसार किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली आकाश वृत्त में ग्रहों की उस समय की स्थिति का विवेचन है, जिस समय उसने इस जगत में जन्म लिया। सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करते हैं, किन्तु चंद्रमा पृथ्वी का एक उपग्रह होने से पृथ्वी का चक्कर 27 दिनों में पूरा करता है और एक राशि पर औसतन 2 दिन रहता है। इस प्रकार चंद्रमा को किसी राशि के एक अंश को पार करने में दो घंटे से भी कम का समय लगता है। तीव्र गति एवं पृथ्वी के निकटतम होने के कारण चंद्रमा का मानव जीवन पर प्रभाव बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। चंद्रमा श्वेत रंग, शीतल प्रकृति, जल तत्त्व, स्त्री स्वभाव एवं सतोगुणी ग्रह है और मन का कारक है। चंद्रमा सूर्य से जितना दूर...

बहु विवाह योग के कारण वैवाहिक रिश्ते ज्यादा नहीं चलते -मनीष साईं

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बहु विवाह योग के कारण वैवाहिक रिश्ते ज्यादा नहीं चलते -मनीष साईं आपने देखा होगा कि कई व्यक्तियों के रिलेशन स्थाई नहीं हो पाते वैवाहिक जीवन भी ज्यादा दिन नहीं चलता एक के बाद एक शादियां टूटती है।ज्योतिष शास्त्र मैं इसका स्पष्ट उल्लेख है ऐसा क्यों होता है उसके कारण क्या है? यह जानना बहुत जरूरी है। ज्योतिष वास्तु एवं तंत्र गुरु श्री मनीष साईं जी के अनुसार आइए जानते हैं बहु विवाह योग कैसे बनता है और उससे बचने के उपाय क्या हैं। ▪चन्द्र एवं शुक्र बलि होकर किसी भी भाव में एकसाथ स्थित हो तो ऐसे जातक के बहुत पत्नियाँ होगी। ▪लग्नेश उच्च अथवा स्वराशीगत केंद्र भावों में स्थित हो तो ऐसे जातक के बहुत विवाह होते है। ▪ लग्न में एक ग्रह उच्च राशी में स्थित हो तो भी ऐसे जातक से बहुत विवाह होते है। ▪ लग्नेश और चतुर्थ भाव का अधिपति केन्द्रीय भावों में स्थित हो तो भी ऐसे जातक के बहुत से विवाह होते है। ▪ शनि सप्तमेश हो तथा वह पापग्रह से युत हो तो ऐसे जातक से बहुत से विवाह होते है। ▪ बाली शुक्र की द्रष्टि सप्तम भाव पर हो तो भी ऐसे जातक से बहुत से विवाह होते है। ▪ कुंडली में बहु विवाह योग ब...