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नंदी योग कारण और समाधान पति-पत्नी में झगड़ा, व्यापार में हानि का कारण नंदी योग तो नहीं जाने उपाय -मनीष साईं नंदी योग  कुंडली में बहुत ही  कष्टकारी योग माना जाता है  यह योग  शनि और राहु की युति के कारण बनता है। उपरोक्त युति जिस भी भाव में बनती उस भाव से संबंधित कष्ट एवं जिस भाव पर दृष्टि डालती है उससे संबंधित शुभ फल प्रदान करती है, इसके फलस्वरूप जातक को सुख, वैभव एवं समृद्धि भी प्राप्त होती है किंतु यह बहुत ही नुकसानदायक योग है।  शनि - राहु की युति पर यदि जातक की कुंडली में मंगल का प्रभाव भी आ जाये तो ऐसा जातक देखने में आता है कि क्रूर एवं आतंकवादी प्रवृत्ति का होता है, यह युति यदि लग्न में आ जाये तो जिन लोगों की कुंडली में यह योग बनता है, वह बर्बाद हो जाते हैं कभी व्यापार तथा सर्विस में  उन्नति नहीं कर सकते। कार्यालय या कोई भी अन्य व्यापारिक स्थल जातक हर समय  सवालों के घेरे में रहता है। कोई भी उसे सम्मान नहीं देता यश और प्रसिद्धि  मिट्टी में मिल जाती है।  जातक हत्या या आत्महत्या का प्रयास भी कर सकता है। यदि नंदी योग लग्न में मैं ...
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वाहन खरीदने के पूर्व रखें इन बातों का ध्यान, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान -मनीष साईं कार, बाइक, स्कूटर या साइकिल खरीदते समय रंग का विचार जरूर करना चाहिए। जिस प्रकार व्यक्ति के जीवन में घर की आवश्यकता होती है,उसी प्रकार  उसका सपना होता है कि  वह एक सुंदर वाहन खरीदे। व्यक्ति अपने सामर्थ्य अनुसार अपना सपना बुनता है। कोई कार खरीदने की क्षमता रखता है तो कोई  बाइक/ स्कूटर  तो कोई व्यक्ति बहुत ही साधारण किस्म का है वह साइकिल खरीद कर भी खुश रहता है। वस्तुतः जिस प्रकार से जीवन के लिए तीन चीजे रोटी,कपड़ा और मकान आवश्यक है उसी प्रकार वर्तमान समय में “वाहन” भी हमारे मूलभूत अंग के रूप में स्थापित हो गया है। वाहन खरीदने से पूर्व प्रश्न उठता है कि? 1.क्या वाहन खरीदना मेरे लिए शुभ होगा ? 2.वाहन खरीदने का शुभ समय है या नहीं ? 3.किस रंग का वाहन हमारे लिए शुभ होगा। 4.वाहन का नंबर क्या होना चाहिए।  इत्यादि इत्यादि उपर्युक्त प्रश्नों का उत्तर ज्योतिष एवं वास्तु के माध्यम से दिया जा सकता है। सर्वप्रथम आप वाहन खरीदने के पूर्व जो नंबर आपको वाहन का आरटीओ द्वारा प्रदान ...
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बच्चे कुंडली के हिसाब से सब्जेक्ट चुने और करियर में सफलता पाएं- मनीष साईं कक्षा ग्यारहवीं में कौन सा विषय चुने, यह महत्वपूर्ण प्रश्न बच्चों एवं उनके अभिभावको के सामने आ खड़ा होता है।  अधिकतर घरों में माता-पिता  बच्चे की काबिलियत को तो ध्यान में नहीं रखते और अपनी ख्वाहिशों को उन पर थोप देते हैं बाद में यह होता है कि बच्चे अपने करियर में असफल साबित हो जाते हैं। माता-पिता को अपनी महत्वकांक्षाआ को परे रखकर एक नजर कुंडली पर भी मार लेनी चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में  गणना के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे किस विषय में सिद्धहस्त होंगे, यह ग्रह स्थिति स्पष्ट बताती है। बच्चे की कुंडली में विषय के चुनाव हेतु कुंडली के चौथे व पाँचवे भाव का प्रमुख रूप से अध्ययन करना चाहिए। साथ ही कुंडली में लग्न व्यक्ति के स्वभाव का भी विवेचन कर लेना चाहिए। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी के अनुसार आइए जानते हैं कौन सा विषय ग्रहों के अनुसार बच्चों के अनुकूल होगा- ग्रहानुसार विषय- (1) सूर्य का प्रभाव- आट्र्स, विज्ञान, (2) मंगल का प्रभाव- जीव विज्ञान, (3) चंद्रका ...
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दमरुका योग? ज्योतिष शास्त्र में कुछ योग ऐसे हैं  जिनका समय रहते पता हो तो व्यक्ति  संभल सकता है।  तथा इन योगों से छुटकारा पा सकता है  आज मैं आपको  एक ऐसे योग के बारे में बताने जा रहा हूं जिसके बारे में  कई ज्योतिष भी नहीं जानते हैं इस खतरनाक योग को साधारण उपाय से हम समय रहते ठीक कर सकते हैं। जन्म पत्रिका के यह सबसे असहनीय योगों में से एक है। ज्योतिष में इस योग की चर्चा नहीं की जाती। यह एक ऐसा योग है, जिसके बारे में कुंडली परामर्श के दौरान जानने से व्यक्ति भयभीत हो जाता है। इसलिए  कई ज्योतिष इस योग की सार्वजनिक चर्चा नहीं करते पर मेरा ऐसा मानना है कि यदि खराब योग हैं तो उस पर चर्चा होना चाहिए और समय रहते इसका इलाज होना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में जन्म पत्रिका का अष्टम भाव कारक होता है। पत्रिका के अष्टम भाव में यदि मंगल नीच का साथ ही शनि की युति हो तो दमरुका योग होता है। द्वितीय भाव मे भी अशुभ ग्रह हो तथा अष्टम में शनि, मंगल, राहु कोई ग्रह हो तो दमरुका योग होता है। इस योग में जातक की मृत्यु बड़ी दर्दनाक होती है। मुख्यत: वह आग में दम...
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राशि और कुंडली में ग्रहों की स्थिति से तय होता है व्यक्ति का व्यवसाय, ▪जानिए आपकी असफलता के पीछे कहीं आपकी राशि का व्यवसाय से मेल है या नहीं? ▪ यदि व्यवसाय शुरू करने वाले हैं तो जरूर जानिए कि आपकी कुंडली और राशि क्या कहती है। कई लोग व्यापार या नौकरी बहुत उत्साह से शुरु करते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में उनका उत्साह  खत्म हो जाता है। अच्छी कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी मिली लेकिन जल्दी छूट जाती है। विश्व के प्रसिद्ध वास्तु,ज्योतिष एवं तंत्र गुरु श्री मनीष साईं जी के अनुसार  व्यक्ति के जीवन में  व्यवसाय के रूप में वह क्या करेगा यह कुंडली एवं राशि के अनुसार तय होता है। जो व्यक्ति बिना जाने बिना सोचे व्यवसाय शुरू करता है उसकी सफलता का आकलन किया जाए तो वह बहुत कम होती है। आज मैं आपको राशियों के अनुसार क्या व्यापार करना चाहिए इसके बारे में बता रहा हूं। ▪1-मेष: – पुलिस अथवा सेना की नौकरी, इंजीनियंिरंग, फौजदारी का वकील, सर्जन, ड्राइविंग, घड़ी का कार्य, रेडियो व टी.वी. का निर्माण या मरम्मत, विद्युत का सामान, कम्प्यूटर, जौहरी, अग्नि सम्बन्धी कार्य, मेकेनिक, ईंटों का भट्टा, क...

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

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राखी बांधने का शुभ मुहूर्त भारत की संस्कृति में  कुछ ही त्यौहार ऐसे हैं  जिन्हें बड़े उत्साह से मनाया जाता है उनमें से एक त्यौहार रक्षाबंधन का त्यौहार है ।भाई-बहन के प्रेम का त्योहार रक्षा बंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार यह 26 अगस्त रविवार के दिन है। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी  के अनुसार इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा नहीं हैं। यही नहीं इस बार करीब 11 घंटे तक राखी बांधने का मुहूर्त है। मनीष साईं जी के मुताबिक इस बार भद्रा नक्षत्र सूर्योदय से पहले ही खत्म हो रही है। इसलिए राखी बांधने के समय भद्रा नहीं रहेगा। ज्योतिष के मुताबिक भद्रा में राखी नहीं बांधी जाती। ▪राखी बांधने का मुहूर्त- शुभ मूहुर्त सुबह 5:59 बजे से शाम 5:25 बजे तक सावन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ = 25 अगस्त 2018, शनिवार 15:16 बजे सावन पूर्णिमा तिथि समाप्त = 26 अगस्त 2018, रविवार 17:25 बजे इस बार बहने शाम 5 बजकर 12 मिनट तक राखी बांध सकती हैं। मनीष साईं के अनुसार रक्षा बंधन के दिन थाली सजाकर भाई की आरती उतारनी चाहिए।  और इस मंत्र के साथ रक्षा बंधन मन...

गृह क्लेश निवारण-पति-पत्नी में प्यार बढ़ाएंगे यह आध्यात्मिक उपाय -मनीष साईं

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गृह क्लेश निवारण पति-पत्नी में प्यार बढ़ाएंगे यह आध्यात्मिक उपाय -मनीष साईं जीवन में व्यक्ति की तरक्की  और उसकी खुशहाली  के पीछे  उसका परिवार  एवं पति पत्नी के बीच  आपसी सामंजस होता है, ऐसा माना जाता हैं की जिस घर में क्लेश होता है, वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो कि खुशनुमा जीवन नहीं जीना चाहता, हर व्यक्ति चाहता है कि उसके परिवार में शांति बनी रहे तथा सुकून रहे। संपूर्ण विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां संस्कारों के चलते पति पत्नी ना चाहते हुए भी एक दूसरे के साथ रहते हैं। कई परिवारों से  मैंने बातचीत की  और इस पर गहन चिंतन किया तो यह बात सामने आई कि लाख मुश्किलों में भी रहकर अपने बच्चों की खातिर पति पत्नी एक दुसरे से अलग नहीं होते और जैसे तैसे अपने जीवन को बिताते हैं। इन सब कारणों से हर आदमी के मन में ये इच्छा होती हैं की काश उसके घर में कलह नही हो , गृह क्लेश ना हो , सब लोग शांति पूर्वक रहे। कुछ उपाय मैं आज आपको ऐसे बताने जा रहा हूं जिसके माध्यम से एक तरफ जहाँ आप अपनी स्वभाव में थोड़ा बहुत परिवर्तन कर गृह क्ल...