Posts

महाभाग्य योग,राजा से भी बड़ा बनाता है यह योग- मनीष साईं

Image
अंबानी की तरह सुख देता है महाभाग्य योग, जाने आपकी कुंडली में यह योग तो नहीं -मनीष साईं महाभाग्य योग राजयोग से भी बड़ा योग है। जब भी हम किसी पैसे वाले का नाम लेते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में  देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी का का नाम सामने आता है। आप जानते हैं  मुकेश अंबानी की कुंडली में महाभाग्य योग है। यह योग बहुत से जातकों की कुंडली में होता है लेकिन कुछ रुकावट के कारण वह इस योग का लाभ नहीं ले पाते। आइए जानते हैं कैसे बनता है महाभाग्य योग। विश्व प्रसिद्ध वास्तु,ज्योतिष एवं तंत्र गुरु  श्री मनीष साईं जी के अनुसार यदि किसी पुरुष का जन्म दिन के समय का हो तथा उसकी जन्म कुंडली में लग्न अर्थात पहला घर, सूर्य तथा चन्द्रमा, तीनों ही विषम राशियों जैसे कि मेष, मिथुन, सिंह आदि में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में महाभाग्य योग बनता है। यदि किसी स्त्री का जन्म रात के समय का हो तथा उसकी जन्म कुंडली में लग्न, सूर्य तथा चन्द्रमा तीनों ही सम राशियों अर्थात वृष, कर्क, कन्या आदि में स्थित हों तो ऐसी स्त्री की कुंडली में महाभाग्य योग बनता है। इसके शुभ प्रभाव से व्यक्ति को आर...

पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को घर से भाग जाती है बुरी शक्तियां- मनीष साईं

Image
पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को घर से भाग जाती है बुरी शक्तियां- मनीष साईं पवन पुत्र हनुमान जी की मूर्ति का चित्र  घर में रखने से  बुरी शक्तियां  दूर भागती है  तथा  विपत्तियों का नाश होता है  वास्तव में  हनुमान जी की मूर्ति रखने को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि घर यदि दक्षिण मुखी है  और मुख्य द्वार के ऊपर  हनुमान जी का चित्र लगाया जाता है पंचमुखी  या मूर्ति स्थापित की जाती है तो उस घर में  नकारात्मक शक्तियां  घर से बिलकुल दूर रहती है  वास्तु में कहा जाता है कि  दक्षिण दिशा से नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश घर में होता है  और इन्हें रोकने के लिए  पंचमुखी हनुमान  यदि दरवाजे पर विराजमान हो  तो यह शक्तियां  घर के आस-पास भी नहीं फटकती। प्राय यह देखने में आया है कि हर कोई अपने घर को सुंदर बनाने के लिए घर में तरह-तरह के तस्वीरें और मूर्तियां रखने लगा है। यह सब वो अपने घर को खूबसबूरत और आकर्षित बनाने के लिए करते हैं। लेकिन बहुत से लोग एेसे हैं जिन्हें इसके बारे में अच्छे से नहीं पता। वास्तु औ...

व्यभिचारी योग- कामवासना बढ़ाता है यह योग,जानिए बचने के उपाय

Image
व्यभिचारी योग- स्त्री और पुरुषों के अनेक अवैध संबंधों का कारण है व्यभिचारी योग -मनीष साईं व्यभिचारी योग  बनने पर व्यक्ति के  जीवन में  कई प्रेम प्रसंग  तथा अवैध संबंध होते हैं। यह योग बहुत घातक होता है। क्योकि व्यभिचार सारे अनर्थों की जड़ है।  इसके कारण कुल अथवा परिवार की मर्यादा और यश का सर्वनाश हो जाता है।  इस योग से भरे पूरे परिवार का सफाया हो जाता है।  इसलिए स्त्री की कुंडली में यदि ये योग हो तो विवाह नही करना चाहिए।  लड़कियां  अनैतिक कार्यों में लिप्त हो जाती है। ज्योतिष में माना जाता है कि जन्म कुंडली में शुक्र उच्च का होने पर व्यक्ति के कई प्रेम प्रसंग हो सकते हैं, जो कि विवाह के बाद भी जारी रहते हैं। शुक्र को भोग-विलास का कारक माना गया है। शुक्र प्रधान व्यक्तियों में काम-भावना का अतिरेक पाया जाता है। यदि जन्म पत्रिका में शुक्र नीचराशिस्थ हो, चन्द्र नीचराशिस्थ हो एवं शुक्र व चन्द्र पर क्रूर ग्रहों, विशेषकर मंगल का प्रभाव हो तो यह योग व्यक्ति को चारित्रिक रूप से पतित कर देता है। मंगल एक क्रूर एवं उत्तेजनात्मक ग्रह है। ...

गणेश चतुर्थी पूजा का मुहूर्त, विधान, सावधानियां एवं महत्वपूर्ण उपाय

Image
श्री गणेश चतुर्थी पूजा का मुहूर्त, विधान, सावधानियां एवं महत्वपूर्ण उपाय विशेष लेख- श्री "मनीष साई" वास्तु, ज्योतिष एवं तंत्र गुरु भारतवर्ष में श्री गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस साल गणेश चतुर्थी की शुरुआत 13 सितंबर से हो रही है जोकि 23 सितंबर तक चलेगी। गणेश चतुर्थी में गणेश जी की पूजा होती है।  गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतर्दर्शी तक यानी दस दिनों तक चलता है। गणेश चतुर्थी के दिन लोग गणपति बप्पा की घर में स्थापना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो इन 10 दिनों बप्पा धरती पर निवास करते हैं। कुछ लोग गणपति 1 दिन रखते है कोई तीन, पांच और सात, तो कोई पूरे 10 दिन के बप्पा को घर में स्थापित करते हैं। गणपति की कृपा साल भर पाने के लिए लोग घर में गणपति को स्थापित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गणेश भगवान कैलाश पर्वत छोड़कर धरती पर सिर्फ इसलिए आते हैं जिससे वह अपने भक्तों को आशीर्वाद दे सकें। गणेश चतुर्थी की पूजा यदि विधि विधान से की जाए तो परिवार में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है। आज मैं आपको गणेश जी की पूजा कैसे की जाना है इसके बारे मे...
Image
नंदी योग कारण और समाधान पति-पत्नी में झगड़ा, व्यापार में हानि का कारण नंदी योग तो नहीं जाने उपाय -मनीष साईं नंदी योग  कुंडली में बहुत ही  कष्टकारी योग माना जाता है  यह योग  शनि और राहु की युति के कारण बनता है। उपरोक्त युति जिस भी भाव में बनती उस भाव से संबंधित कष्ट एवं जिस भाव पर दृष्टि डालती है उससे संबंधित शुभ फल प्रदान करती है, इसके फलस्वरूप जातक को सुख, वैभव एवं समृद्धि भी प्राप्त होती है किंतु यह बहुत ही नुकसानदायक योग है।  शनि - राहु की युति पर यदि जातक की कुंडली में मंगल का प्रभाव भी आ जाये तो ऐसा जातक देखने में आता है कि क्रूर एवं आतंकवादी प्रवृत्ति का होता है, यह युति यदि लग्न में आ जाये तो जिन लोगों की कुंडली में यह योग बनता है, वह बर्बाद हो जाते हैं कभी व्यापार तथा सर्विस में  उन्नति नहीं कर सकते। कार्यालय या कोई भी अन्य व्यापारिक स्थल जातक हर समय  सवालों के घेरे में रहता है। कोई भी उसे सम्मान नहीं देता यश और प्रसिद्धि  मिट्टी में मिल जाती है।  जातक हत्या या आत्महत्या का प्रयास भी कर सकता है। यदि नंदी योग लग्न में मैं ...
Image
वाहन खरीदने के पूर्व रखें इन बातों का ध्यान, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान -मनीष साईं कार, बाइक, स्कूटर या साइकिल खरीदते समय रंग का विचार जरूर करना चाहिए। जिस प्रकार व्यक्ति के जीवन में घर की आवश्यकता होती है,उसी प्रकार  उसका सपना होता है कि  वह एक सुंदर वाहन खरीदे। व्यक्ति अपने सामर्थ्य अनुसार अपना सपना बुनता है। कोई कार खरीदने की क्षमता रखता है तो कोई  बाइक/ स्कूटर  तो कोई व्यक्ति बहुत ही साधारण किस्म का है वह साइकिल खरीद कर भी खुश रहता है। वस्तुतः जिस प्रकार से जीवन के लिए तीन चीजे रोटी,कपड़ा और मकान आवश्यक है उसी प्रकार वर्तमान समय में “वाहन” भी हमारे मूलभूत अंग के रूप में स्थापित हो गया है। वाहन खरीदने से पूर्व प्रश्न उठता है कि? 1.क्या वाहन खरीदना मेरे लिए शुभ होगा ? 2.वाहन खरीदने का शुभ समय है या नहीं ? 3.किस रंग का वाहन हमारे लिए शुभ होगा। 4.वाहन का नंबर क्या होना चाहिए।  इत्यादि इत्यादि उपर्युक्त प्रश्नों का उत्तर ज्योतिष एवं वास्तु के माध्यम से दिया जा सकता है। सर्वप्रथम आप वाहन खरीदने के पूर्व जो नंबर आपको वाहन का आरटीओ द्वारा प्रदान ...
Image
बच्चे कुंडली के हिसाब से सब्जेक्ट चुने और करियर में सफलता पाएं- मनीष साईं कक्षा ग्यारहवीं में कौन सा विषय चुने, यह महत्वपूर्ण प्रश्न बच्चों एवं उनके अभिभावको के सामने आ खड़ा होता है।  अधिकतर घरों में माता-पिता  बच्चे की काबिलियत को तो ध्यान में नहीं रखते और अपनी ख्वाहिशों को उन पर थोप देते हैं बाद में यह होता है कि बच्चे अपने करियर में असफल साबित हो जाते हैं। माता-पिता को अपनी महत्वकांक्षाआ को परे रखकर एक नजर कुंडली पर भी मार लेनी चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में  गणना के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चे किस विषय में सिद्धहस्त होंगे, यह ग्रह स्थिति स्पष्ट बताती है। बच्चे की कुंडली में विषय के चुनाव हेतु कुंडली के चौथे व पाँचवे भाव का प्रमुख रूप से अध्ययन करना चाहिए। साथ ही कुंडली में लग्न व्यक्ति के स्वभाव का भी विवेचन कर लेना चाहिए। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी के अनुसार आइए जानते हैं कौन सा विषय ग्रहों के अनुसार बच्चों के अनुकूल होगा- ग्रहानुसार विषय- (1) सूर्य का प्रभाव- आट्र्स, विज्ञान, (2) मंगल का प्रभाव- जीव विज्ञान, (3) चंद्रका ...