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रत्न पहनने से पहले रखें इन बातों का ध्यान -मनीष साईं

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रत्न पहनने से पहले रखें इन बातों का ध्यान -मनीष साईं ▪ रत्न की उम्र के बारे में जाने। ▪ रत्न कहां से खरीदना है। इसकी परख कैसे करना है यह भी जाने। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु  श्री मनीष साईं जी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में  रत्नों का बहुत महत्व है। यदि किसी व्यक्ति का  कोई ग्रह कमजोर होता है,किसी ग्रह के कारण व्यक्ति का जीवन  तमाम परेशानियों से घिर जाता है तो ऐसे में रत्न चिकित्सा बहुत लाभकारी और उपयोगी साबित होती है।  ज्योतिष शास्त्र में रत्न पहनने के पूर्व कई निर्देश दिए गए हैं।रत्नों में मुख्यतः नौ ही रत्न ज्यादा पहने जाते हैं।सूर्य के लिए माणिक, चन्द्र के लिए मोती, मंगल के लिए मूंगा, बुध के लिए पन्ना, गुरु के लिए पुखराज, शुक्र के लिए हीरा, शनि के लिए नीलम, राहु के लिए गोमेद और केतु के लिए लहसुनियां। रत्नों के उपरत्न भी बहुत महत्व रखते हैं कोई व्यक्ति महंगे रत्न नहीं खरीद सकता तो वह उपरत्न खरीद सकता है।यह जरूर जानने योग्य बात है कि उपरत्न की पावर बहुत कम होती है वह बहुत कम असर कारक होते हैं। रत्नों का आपके जीवन पर कैसा असर होगा, यह इस...
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सिद्ध कुंजिका पाठ एवं मंत्र नवरात्रि में करें यह काम जीवन हो जाएगा आसान- मनीष साईं सनातन धर्म में देव पूजा को जितना सम्मान दिया जाता है उतना ही सम्मान  देवी पूजा को भी दिया जाता है। हिंदू धर्म को मानने वाले लोग  शक्ति के रूप में दुर्गा पूजा को बहुत महत्व देते हैं। हमारे शास्त्रों में कहा जाता है कि नवरात्र के नौ दिनों में विधि-विधान पूर्वक दुर्गा सप्तशती के पाठ से माता की असीम अनुकंपा प्राप्त होती है, ऐसी मान्यता है। जो लोग नियमित दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं उन्हें संपूर्ण पाठ करने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। जो लोग सिर्फ नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं उन्हें संपूर्ण पाठ करने में लगभग तीन से चार घंटे का समय लग सकता है। आज के इस आधुनिक युग में  सभी लोग पर काम का दबाव बना रहता है। ऐसे में दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ कर पाना बहुत से लोगों के लिए कठिन हो सकता है। इस स्थिति में दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण पाठ का फल प्राप्त करने के लिए एक आसान उपाय का वर्णन मैं आपको  प्रदान कर रहा हूं।अगर आप भी सिर्फ 10 मिनट में दुर्गा सप्तशती के तेरह अध्याय, ...

मातृका मंत्र- खूबसूरत बने रहने के लिए करें इस मंत्र का जाप -मनीष साईं

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मातृका मंत्र- खूबसूरत बने रहने के लिए करें इस मंत्र का जाप -मनीष साईं   फिल्मी हीरोइन  एवं मॉडल  की सुंदरता को देखकर  आपका मन  हिचकोले लेने लगता है।वैसे तो कहा जाता है आदमी की सुंदरता उसके मन पर निर्भर करती है, और यह बात सही भी है।मंत्र शास्त्र में  एक ऐसा मंत्र है  जिस के जाप से व्यक्ति  तन और मन दोनों से  कुछ ही दिनों में सुंदर दिखने लगता है।सुंदर दिखने के लिए हम क्या-क्या नहीं करते, खासतौर से महिलाएं अपनी सुंदरता का ख्याल रखने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। कौन सा उबटन लगाया जाए, किस तरह के कॉस्मेटिक का प्रयोग किया जाए, इत्यादि, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा मंत्र भी है जिसके जप से आपकी आपकी सुंदरता हमेशा बनी रहेगी। हमारे शास्त्रों में सुंदर दिखने के लिए मंत्र है मातृका मंत्र। जिसका जाप केवल 18 दिन तक करने से ही आपको इसके चमत्कारी परिणाम दिखने लगेंगे। इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से सुंदरता मिलती है। इस मंत्र का जाप केवल महिलाएं ही नहीं पुरुष भी कर सकते हैं। दरअसल मातृका मंत्र व्यक्ति को स्वाभाविक एवं शारीरिक रूप से भी सुंदर ...

महाभाग्य योग,राजा से भी बड़ा बनाता है यह योग- मनीष साईं

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अंबानी की तरह सुख देता है महाभाग्य योग, जाने आपकी कुंडली में यह योग तो नहीं -मनीष साईं महाभाग्य योग राजयोग से भी बड़ा योग है। जब भी हम किसी पैसे वाले का नाम लेते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में  देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी का का नाम सामने आता है। आप जानते हैं  मुकेश अंबानी की कुंडली में महाभाग्य योग है। यह योग बहुत से जातकों की कुंडली में होता है लेकिन कुछ रुकावट के कारण वह इस योग का लाभ नहीं ले पाते। आइए जानते हैं कैसे बनता है महाभाग्य योग। विश्व प्रसिद्ध वास्तु,ज्योतिष एवं तंत्र गुरु  श्री मनीष साईं जी के अनुसार यदि किसी पुरुष का जन्म दिन के समय का हो तथा उसकी जन्म कुंडली में लग्न अर्थात पहला घर, सूर्य तथा चन्द्रमा, तीनों ही विषम राशियों जैसे कि मेष, मिथुन, सिंह आदि में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में महाभाग्य योग बनता है। यदि किसी स्त्री का जन्म रात के समय का हो तथा उसकी जन्म कुंडली में लग्न, सूर्य तथा चन्द्रमा तीनों ही सम राशियों अर्थात वृष, कर्क, कन्या आदि में स्थित हों तो ऐसी स्त्री की कुंडली में महाभाग्य योग बनता है। इसके शुभ प्रभाव से व्यक्ति को आर...

पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को घर से भाग जाती है बुरी शक्तियां- मनीष साईं

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पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को घर से भाग जाती है बुरी शक्तियां- मनीष साईं पवन पुत्र हनुमान जी की मूर्ति का चित्र  घर में रखने से  बुरी शक्तियां  दूर भागती है  तथा  विपत्तियों का नाश होता है  वास्तव में  हनुमान जी की मूर्ति रखने को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि घर यदि दक्षिण मुखी है  और मुख्य द्वार के ऊपर  हनुमान जी का चित्र लगाया जाता है पंचमुखी  या मूर्ति स्थापित की जाती है तो उस घर में  नकारात्मक शक्तियां  घर से बिलकुल दूर रहती है  वास्तु में कहा जाता है कि  दक्षिण दिशा से नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश घर में होता है  और इन्हें रोकने के लिए  पंचमुखी हनुमान  यदि दरवाजे पर विराजमान हो  तो यह शक्तियां  घर के आस-पास भी नहीं फटकती। प्राय यह देखने में आया है कि हर कोई अपने घर को सुंदर बनाने के लिए घर में तरह-तरह के तस्वीरें और मूर्तियां रखने लगा है। यह सब वो अपने घर को खूबसबूरत और आकर्षित बनाने के लिए करते हैं। लेकिन बहुत से लोग एेसे हैं जिन्हें इसके बारे में अच्छे से नहीं पता। वास्तु औ...

व्यभिचारी योग- कामवासना बढ़ाता है यह योग,जानिए बचने के उपाय

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व्यभिचारी योग- स्त्री और पुरुषों के अनेक अवैध संबंधों का कारण है व्यभिचारी योग -मनीष साईं व्यभिचारी योग  बनने पर व्यक्ति के  जीवन में  कई प्रेम प्रसंग  तथा अवैध संबंध होते हैं। यह योग बहुत घातक होता है। क्योकि व्यभिचार सारे अनर्थों की जड़ है।  इसके कारण कुल अथवा परिवार की मर्यादा और यश का सर्वनाश हो जाता है।  इस योग से भरे पूरे परिवार का सफाया हो जाता है।  इसलिए स्त्री की कुंडली में यदि ये योग हो तो विवाह नही करना चाहिए।  लड़कियां  अनैतिक कार्यों में लिप्त हो जाती है। ज्योतिष में माना जाता है कि जन्म कुंडली में शुक्र उच्च का होने पर व्यक्ति के कई प्रेम प्रसंग हो सकते हैं, जो कि विवाह के बाद भी जारी रहते हैं। शुक्र को भोग-विलास का कारक माना गया है। शुक्र प्रधान व्यक्तियों में काम-भावना का अतिरेक पाया जाता है। यदि जन्म पत्रिका में शुक्र नीचराशिस्थ हो, चन्द्र नीचराशिस्थ हो एवं शुक्र व चन्द्र पर क्रूर ग्रहों, विशेषकर मंगल का प्रभाव हो तो यह योग व्यक्ति को चारित्रिक रूप से पतित कर देता है। मंगल एक क्रूर एवं उत्तेजनात्मक ग्रह है। ...

गणेश चतुर्थी पूजा का मुहूर्त, विधान, सावधानियां एवं महत्वपूर्ण उपाय

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श्री गणेश चतुर्थी पूजा का मुहूर्त, विधान, सावधानियां एवं महत्वपूर्ण उपाय विशेष लेख- श्री "मनीष साई" वास्तु, ज्योतिष एवं तंत्र गुरु भारतवर्ष में श्री गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस साल गणेश चतुर्थी की शुरुआत 13 सितंबर से हो रही है जोकि 23 सितंबर तक चलेगी। गणेश चतुर्थी में गणेश जी की पूजा होती है।  गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतर्दर्शी तक यानी दस दिनों तक चलता है। गणेश चतुर्थी के दिन लोग गणपति बप्पा की घर में स्थापना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो इन 10 दिनों बप्पा धरती पर निवास करते हैं। कुछ लोग गणपति 1 दिन रखते है कोई तीन, पांच और सात, तो कोई पूरे 10 दिन के बप्पा को घर में स्थापित करते हैं। गणपति की कृपा साल भर पाने के लिए लोग घर में गणपति को स्थापित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गणेश भगवान कैलाश पर्वत छोड़कर धरती पर सिर्फ इसलिए आते हैं जिससे वह अपने भक्तों को आशीर्वाद दे सकें। गणेश चतुर्थी की पूजा यदि विधि विधान से की जाए तो परिवार में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है। आज मैं आपको गणेश जी की पूजा कैसे की जाना है इसके बारे मे...