Posts

घर में गलत स्थान पर बनी गाड़ी की पार्किंग तनाव का कारण तो नहीं -मनीष साईं

Image
जानिए वास्तु अनुसार घर में वाहन कहां खड़ा करें। घर में गलत स्थान पर बनी गाड़ी की पार्किंग तनाव का कारण तो नहीं -मनीष साईं क्या आप जानते हैं कि आप जिस जिस स्थान पर वाहन रखते हैं कहीं ऐसा तो नहीं उस स्थान के कारण आपके जीवन में तमाम तरह की परेशानियां आ रही है? रेमेडियल वास्तु के अनुसार हर घर को नो हिस्से में विभाजित किया जाता है जिसमें करियर, स्वास्थ्य, रिलेशन, धन, प्रोजेक्ट, व्यापार, यश और प्रसिद्धि जैसे हिस्से होते हैं। वाहन रखने का सही स्थान दक्षिण-पश्चिम है। यदि इसके अलावा किसी स्थान पर वाहन रखते हैं तो निश्चित तौर पर वास्तु दोष उत्पन्न होते हैं। इन वास्तु दोषों से निपटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स आपको प्रदान कर रहा हूं उन्हें करें। इन वास्तु टिप्स को अपनाकर  गलत स्थान पर भी आपका वाहन रखा है तो आपके जीवन में परेशानी उत्पन्न नहीं करेगा। यदि आप नया घर बना रहे हैं तो दक्षिण-पश्चिम में ही आप गैरेज बनाइए। रेमेडियल वास्तु केवल घरों या दुकानों के लिए ही नहीं होता, वरन इसका प्रयोग कर आप किसी वाहन को अपने लिए लकी भी बना सकते हैं।इसके लिए आपको कुछ विशेष बातों पर ध्यान देना होगा त...

बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता, जानिए किस स्थान पर बैठ कर पढ़ाई करें -मनीष साईं

Image
बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता, जानिए किस स्थान पर बैठ कर पढ़ाई करें -मनीष साईं सभी माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ लिखकर लायक बने  अच्छे नंबर आए  पता प्रतिस्पर्धा  के इस युग में  प्रतियोगी परीक्षाओं में  सफल होकर  अपने करियर और जीवन को  उन्नत बना सके  लेकिन छोटी-छोटी गलतियों के कारण  वास्तु के अनुसार  पढ़ाई ना करने के कारण  मेहनत करने के बावजूद परिणाम  नकारात्मक आते हैं । रेमेडियल वास्तुशास्‍त्र के मुताबिक, यदि अध्ययन कक्ष सही दिशा में न हो, तो इससे बच्चे की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। वह जितनी चाहे मेहनत कर ले, लेकिन वास्तुदोष के कारण उसे मेहनत के अनुरूप परिणाम नहीं मिल पाता। इसलिए बच्चे के पढ़ने के लिए अध्ययन कक्ष में दिशा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वास्तु नियमों के अनुसार, बच्चों के पढ़ने का कमरा यानी अध्ययन कक्ष उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में इस प्रकार होना चाहिए कि पढ़ाई करते समय चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे।  पढ़ाई हेतु कमरे में पुस्तकों की रैक या अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए और...

12 घातक योग व दोष, तुरंत करें ये उपाय नहीं तो हो जाएंगे बर्बाद- मनीष साईं

Image
12 घातक योग व दोष, तुरंत करें ये उपाय नहीं तो हो जाएंगे बर्बाद- मनीष साईं जब कोई शुभ ग्रह अशुभ ग्रह के साथ युति बनाता है अलग-अलग भाव में शुभ-अशुभ योग बनाता है। जन्म कुंडली में 2 या उससे ज्यादा ग्रहों की युति, दृष्टि, भाव आदि के मेल से योग का निर्माण होता है। ग्रहों के योगों को ज्योतिष फलादेश का आधार माना गया है। अशुभ योग के कारण व्यक्ति को जिंदगीभर दु:ख झेलना पड़ता है। आओ जानते हैं कि कौन-कौन से अशुभ योग होते हैं और क्या है उनका निवारण?  ◼ पितृदोष- ज्योतिष के अनुसार पितृ दोष और पितृ ऋण से पीड़ित कुंडली शापित कुंडली कही जाती है। ऐसे व्यक्ति अपने मातृपक्ष अर्थात माता के अतिरिक्त मामा-मामी मौसा-मौसी, नाना-नानी तथा पितृपक्ष अर्थात दादा-दादी, चाचा-चाची, ताऊ-ताई आदि को कष्ट व दुख देता है और उनकी अवहेलना व तिरस्कार करता है। जन्म पत्री में यदि सूर्य पर शनि राहु-केतु की दृष्टि या युति द्वारा प्रभाव हो तो जातक की कुंडली में पितृ ऋण की स्थिति मानी जाती है। इसके अलावा भी अन्य कई स्थितियां होती है। हालांकि इसके अलावा व्यक्ति अपने कर्मों से भी पितृदोष निर्मित कर लेता है। विद्वानों ने प...

पिता व पुत्र में विवाद है तो इन उपायों से बनेगा बेहतर रिश्ता- मनीष साईं

Image
पिता व पुत्र में विवाद है तो इन उपायों से बनेगा बेहतर रिश्ता- मनीष साईं घर में यदि कलह हो तो जीवन  नर्क के समान हो जाता है। घर का मुखिया पिता होता है परिवार में पिता की एक अहम भूमिका होती है। पारिवारिक जीवन में संतुष्टि के लिए पिता और संतान के बीच अच्छे संबंध बेहद जरूरी हैं।  पुरानी कहावत है, अगर आप अपने पारिवारिक जीवन से संतुष्ट हैं, आपका परिवार आपसे स्नेह रखता है तो आप दुनिया की बड़ी से बड़ी समस्या, परेशानी से निपट सकते हैं। लेकिन पिता और संतान का न बनना भी कुंडली में दोष एवं वास्तु दोष को जन्म देता है। ◼किन वास्तु दोषों के कारण पिता और पुत्र में कलह होती है जाने, साथ ही उपाय भी- जिस घर में पिता-पुत्र की ना बनती हो तो जाहिर तौर पर यह बात उन दोनों को ही खलती है। कई बार कभी विचारों में भिन्नता तो कभी जनरेशन गैप की वजह से वो एक दूसरे के साथ सही तालमेल नहीं बैठा पाते।वजह चाहे कोई भी हो, रेमेडियल वास्तुशास्त्र के अंतर्गत यह माना जाता है कि पिता-पुत्र के बीच तनाव की वजह है घर के उत्तर-पूर्वी कोने का दूषित होना। अगर आपके घर का यह कोना दूषित है, यहां गंदगी रहती है तो यह पिता...

तिजोरी और अलमारी की दिशा बदलकर धनी बने-मनीष साईं

Image
तिजोरी और अलमारी की दिशा बदलकर धनी बने-मनीष साईं वास्तु शास्त्र में छोटी से छोटी चीजों का महत्व है  घर में कौन सा सामान कहां पड़ा है  यह आपको पता नहीं होता है  और उसके परिणाम  नकारात्मक आते हैं। क्या आप जानते हैं मेहनत और योग्यता के अनुसार आपकी आय नहीं है तो देखिए कि कहीं इसकी वजह आप खुद तो नहीं। वास्तु विज्ञान के अनुसार तिजोरी या अलमारी गलत दिशा में रखने पर इसका असर घर के मुखिया की आमदनी पर पड़ता है। इससे धन की बरकत भी नहीं होती है। इसलिए अगर आपके घर में यह दोष है तो इसे जल्दी ठीक कर लीजिए। जिस तिजोरी या वास्तु गुरु मनीष साई जी के अनुसार अलमारी में कैश व ज्वेलरी रखते हैं उसे कमरे में दक्षिण की दीवार से लगाकर रखें। इससे अलमारी का मुंह उत्तर की ओर खुलेगा। इस दिशा के स्वामी देवताओं के खजांची कुबेर हैं। उत्तर दिशा में अलमारी का मुंह खुलने से धन और ज्वेलरी में बढ़ोतरी होती है। वास्तु गुरु मनीष जी के अनुसार वास्तु विज्ञान में पूर्व दिशा को उन्नति और उर्जा की दिशा कहा गया है। इस दिशा के स्वामी इन्द्र हैं, जो देवताओं के राजा हैं। इसलिए धन-संपत्ति में वृद्धि की आशा ...

जानिए कैसे बनते हैं घर बनने के योग, कैसे बनाएं अपने सपनों का घर -मनीष साईं

Image
जानिए कैसे बनते हैं घर बनने के योग, कैसे बनाएं अपने सपनों का घर -मनीष साईं ▪ज्योतिष के अनुसार घर बनने के महत्वपूर्ण योग- जातक की कुण्‍डली में चौथा घर बहुत बेहतर स्थिति में हो तो वह अपनी जिंदगी के शुरूआती वर्षों में ही घर बना लेता है। सामान्‍य तौर पर घर बनाने के लिए दूसरा, चौथा और ग्‍यारहवां भाव देखा जाता है। अगर कोई बना बनाया घर खरीद रहा हो, तो उसके लिए शुक्र और जमीन लेकर घर बना रहा हो तो मंगल को विशेष तौर पर देखा जाता है। कुण्‍डली का चौथा घर घरेलू वातावरण और माता की मानसिक स्थिति का परिचायक भी होता है।इसके अलावा चतुर्थ भाव के स्‍वामी और इस भाव पर दूसरे ग्रहों की दृष्टि भी महत्‍वपूर्ण होती है।इससे पता चलता है कि घर कैसा होगा। ▪दिशा के अनुरूप करे भूमि का चयन- वास्‍तु के अनुसार पूर्व और उत्‍तर दिशा गृह मालिक के लिए सर्वश्रेष्‍ठ होती है। पूर्वमुखी घर का मालिक प्रशासन और सरकार में अच्‍छी दखल रखता है। ऐसा घर पितृसत्‍तात्‍मक होता है। यानि पुरुषों की अधिक चलती है। दंपत्ति में पति-पत्‍नी के बाद तक जीवित रहता है। उत्‍तरमुखी घरों में ज्‍यादातर कंसल्‍टेंट रहते हैं। यानि नौकरी संबं...

नौकरी में प्रमोशन के लिए 15 महत्वपूर्ण उपाय -मनीष साईं

Image
नौकरी में प्रमोशन के लिए 15 महत्वपूर्ण उपाय -मनीष साईं तंत्र शास्त्र और आध्यात्मिक  टोटकों को बहुत ही कारगर माना जाता है इसल‌िए बहुत से लोग इस पर यकीन भी रखते हैं। इसकी दूसरी वजह यह भी है क‌ि तंत्र शास्त्र के कुछ टोटके बहुत ही आसान होते हैं और हर कोई भी आजमा सकते हैं। अगर आप नौकरी में उन्नत‌ि के ल‌िए प्रयास कर रहे हैं और बात नहीं बन रही है तो तंत्र शास्त्र के टोटकों को आजमा सकते हैं। ▪ जेब में हल्दी की एक गांठ रखें। ▪जल में रोली और लाल फूल म‌िलाकर लगातार 43 द‌िनों तक उगते सूर्य को जल दें। नौकरी में प्रमोशन और कामयाबी का बड़ा संबंध सूर्य से होता है जो अध‌िकार‌ियों का कारक ग्रह है। इसल‌िए सूर्य को अनुकूल बनाना जरूरी माना गया है। ▪गुरुवार के द‌िन बेसन के लड्डू, चने की दाल, पीले वस्‍त्र का दान करें। ▪ प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें ॐ घृणि सूर्याय नमः बोलते हुए। ▪नौकरी में परेशानी चल रही है तो तीन केले 43 द‌िनों तक मंद‌िर में जाकर या क‌िसी गरीब को दान करें। ▪हल्दी या केसर का त‌िलक लगाएं। यह गुरु ग्रह के उपाय हैं। गुरु को धन, सुख और उन्नत‌ि का कारक ग्रह माना गया है। ▪ प...