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ग्रह बताएंगे किस क्षेत्र में मिलेगी नौकरी- मनीष साईं

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क्या आप अपने करियर को लेकर तनाव मैं है? या फिर बहुत से विकल्प होने के कारण कंफ्यूज है  और आप कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। अगर आपके साथ भी यही समस्या है तो आप ज्योतिष के माध्यम से यह आसानी से जान सकते हैं कि कौन सा करियर आपके लिए सही रहेगा। हम जो कार्य करते हैं उस कार्य के पीछे कोई एक ग्रह जरूर होता है। अगर वह ग्रह अच्छा है तो व्यवसाय फलता-फूलता है, करियर में हमेशा उन्नति होती है। अगर ग्रह कमजोर हो तो करियर डावाडोल हो जाता है और कारोबार बंद होने की कगार पर आ जाता है। कुंडली में बैठे नवग्रह मनुष्य के जीवन की सफलता और असफलता तय करते हैं। आइए जानते हैं विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी के अनुसार कौन से ग्रह का करियर एवं व्यवसाय क्या है तथा कुंडली में इसे कैसे देखा जा सकता है। कुंडली में करियर को देखते समय हमे लग्न से दूसरा, सातवां, दसवां और ग्यारवां भाव का अध्ययन करना आवश्यक होता है। जैसा की आपको पता है की लग्न कुंडली का आधार है।  हम जो भी कार्य करते हैं उसकी हमे हमारा शरीर आज्ञा देता है, या नहीं उसे देखना सबसे पहले देखना आवश्यक है। जैसे की हम बह...

यह 18 अचूक उपाय, प्रेम विवाह मैं दिलाएंगे सफलता - मनीष साईं

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किसी को बेहद चाहते है, उनसे विवाह करना चाहते है पर किसी कारण बात बन नही पा रही तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हमारे शास्त्रों में कुछ उपाय ऐसे हैं जिन्हें करने से हम मनचाहा प्यार पा सकते हैं। इस संसार में प्रेम के बिना कुछ नहीं है,लेकिन सभी को प्रेम हासिल नहीं होता, कारण भी बहुत सारे हैं। कुछ लोग पारिवारिक कारणों से तो कुछ लोग आज भी इस आधुनिक युग में जाति समाज के कारण अपने प्यार को हासिल नहीं कर पाते तथा पूरा जीवन उस गम में जीते हैं कि समय ने मेरा साथ नहीं दिया। विश्व प्रसिद्ध वास्तु, ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं की यह पोस्ट आपकी कुछ हद तक सहायता कर सकती है | यहा बताये जा रहे उपाय और टोटके प्रेम विवाह कराने में और मनपसंद जीवनसाथी दिलाने में सहायक हो सकते है। आइए जानते हैं गुरुदेव मनीष साईं जी के अनुसार उपाय..... ▪प्रेम विवाह में अड़चन आ रही है वह प्रेमी युगल गुरुवार के दिन नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें। ▪भोजन में केसर का सेवन करेन से विवाह के आसार बढ़ते हैं। ▪ गुरुवार के दिन पीपल के वृक्ष पर हल्दी डालकर जल चढ़ाएं  तथा विवाह के लिए प...

जानिए नाम के अक्षर अनुसार आपकी राशी और उनका स्वरूप- मनीष साईं

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जानिए नाम के अक्षर अनुसार आपकी राशी और उनका स्वरूप- मनीष साईं हमारे ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां बताई गई हैं। सभी राशियों के लिए अलग-अलग नाम अक्षर निर्धारित किए गए हैं। कुंडली के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का नाम रखा गया है तो उसके नाम का पहला अक्षर जैसा होता है वैसी ही उसकी राशि मानी जाती है। इन्हीं राशियों पर सभी का भूत-भविष्य और वर्तमान निर्भर करता है। इन राशियों का स्वरूप अलग-अलग होता है। व्यक्ति की राशि के आधार पर ही उसके स्वभाव का आंकलन किया जाता है। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी के अनुसार जानिए राशियों का स्वरूप और उनके नाम अक्षर- ▪1.मेष: मेष राशि भेड़ का समान होती है। इस राशि के लोगों के नाम अक्षर चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ होते हैं। ▪2. वृष: इस राशि में बैल का चित्र दिखाई देता है। वृषभ राशि के लोग ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो नाम अक्षर के होते हैं। ▪3. मिथुन: इस राशि में नारी व पुरुष का युग्म, नारी के हाथ में वीणा और पुरुष के हाथ में धारण किए हुए चिन्ह होते हैं। मिथुन राशि के लोगों के नाम का पहला अक्षर का, की, कू, घ, ङ, छ, के, ...

कुंडली नहीं है तो रमल विद्या से जाने अपना भविष्य- मनीष साईं

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सृष्टि के निर्माण से ही ज्योतिष को वेद भगवान का नेत्र कहा जाता है हमारे चारों वेदों की व्याख्या करने वाले जो 6 शास्त्र हैं उनमें एक ज्योतिष भी है। ज्योतिष के तीन अंग हैं। (1) फलित (2 गणित) (3) सिद्धान्त। ज्योतिष के द्वारा चराचर जगत के समस्त प्राणियों एवं पदार्थो के भूत, भविष्य, वर्तमान, रुप, गुण, स्वभाव, आयु तथा हर प्रकार के शुभ अशुभ का ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र एक ऐसी विद्या है यदि उसकी सही व्याख्या हो तो व्यक्ति के भूत भविष्य के बारे में सब कुछ पता चल जाता है। फलित ज्योतिष के 6 मुख्य भेद कहे गये हैं। (1) जातक (2) संहिता (3) प्रश्न (4) ताजिक (5) मुहुर्त और (6) रमल। आज हम बात करेंगे रमल ज्योतिष शास्त्र की। विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी के अनुसार ज्योतिष की 6 शाखाओं में से रमल भी एक पद्धति है। शास्त्रों में ऐसा वर्णित है कि महासती के वियोग से व्याकुल भगवान शिव के समक्ष महाभैरव ने चार बिन्दु बना दिए और उनसे उसी में अपनी इच्छित प्रिया सती को खोजने के लिए कहा। विशेष विधान से उन्होंने इसे सिद्ध करके सातवें लोक में अपनी प्रियतमा को ...

बसंत पंचमी का त्योहार कैसे मनाए, बुद्धि और वाणी को मधुर बनाने के अचूक उपाय

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बसंत पंचमी का त्योहार कैसे मनाए, बुद्धि और वाणी को मधुर बनाने के अचूक उपाय वसंत पंचमी, वीणावादिनी मां सरस्वती की आराधना का पर्व है। इस दिन विद्या और बुद्धि प्राप्ति के अलावा अपने संकटों के नाश के लिए भी सरस्वती देवी से प्रार्थना की जा सकती है। ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के आराधना का शुभ अवसर होता है। हिन्दू परंपरा में ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन छोटे बच्चे को अक्षर अभ्यास कराया जाता है। बसंत पंचमी के दिन छह माह तक के बच्चे को पहली बार अन्न खिलाने का भी प्रचलन सदियों से चलता आ रहा है। शास्त्रों में इस परंपरा को अन्नप्राशन कहा जाता है। इस दिन माँ सरस्वती की पूजा से कला, संगीत आदि का भी वरदान पाया जा सकता है। यदि कुण्डली में विद्या और बुद्धि का योग नहीं है या पढाई में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो इस दिन सरस्वती की पूजा कर उसे ठीक किया जा सकता है। पूजा के लिए इस दिन सूर्योदय के बाद ढाई घंटे अथवा सूर्यास्त के बाद ढाई घंटे का ही प्रयोग करना चाहिए। इस दिन पूजा में माँ सरस्वती को सफेद या पीले पुष्प, सफेद चंदन आदि का अर्पण करना चाहिए। प्रसाद के रूप में दही, हलवा अथवा मिश्री क...

4 फरवरी मौनी अमावस्या पर सुख शांति के लिए करें यह उपाय- मनीष साईं

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माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस बार 4 फरवरी 2019 को  मोनी अमावस्या पड़ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष के अंत में अमावस्या तिथि आती है इस प्रकार 1 वर्ष में 12 अमावस्या आती है लेकिन इन सभी में माघ मास में आने वाली अमावस्या बहुत ही विशेष मानी गई है।इसे मोनी या मानी अमावस्या कहा जाता है। इस अमावस्या पर्व पर स्नान, दान, श्राद्ध व व्रत का विशेष महत्व हमारे ग्रंथों में लिखा है। हमारी संस्कृति में मौन की बहुत महिमा बताई गई है। मौन भी तपस्या का ही एक रूप है। जो मौन रहकर शास्त्रों के अनुसार जीवन जीता है, उसे मुनि कहा जाता है। यूं तो माघ मास की पूर्णिमा के लिए भी शास्त्रों में अनेक उपाय बताए गए हैं, लेकिन पुण्य का दिन अमावस्या को ही माना जाता है। मावस्या पितृ देवों को स्मरण, वंदन और नमन करने का भी दिन होता है। मौनी अमावस्या के दिन उपवास कर कथा सुननी चाहिए। इससे अत्यंत पुण्य प्राप्त होता है। मौनी अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें। स्नान आदि कर पितृ देवों को नमस्कार करें। अपने इष्ट देव का पूजन करें। फिर भगवान से प्रार्थना ...

रत्न पहनने से चमकता है भाग्य, जानिए रत्न धारण करने की विधि, सावधानियां एवं मुहूर्त

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किस राशि के लिए कौन सा रत्न धारण करना चाहिए, रत्न के साथ  यदि कोई दूसरा रत्न धारण करते हैं  तो वह  लाभ पहुंचाएगा  या नुकसान यह भी जानना आवश्यक है। ज्याेतिष शास्त्र में रत्न पहनने के पहले कुछ निर्देश दिऐ गए हैं। रत्नों में 9 रत्न होते हैं जो ज्यादा धारण किये जाते है। सूर्य के लिए माणिक, चंद्रमा के लिए मोती, मंगल के लिए मूगा, बुध के लिए पन्ना, गूरू के लिए पुखराज,शुक्र के लिए हीरा, शनि के लिए नीलम, राहू के लिए गोमेद और केतू के लिए लहसुनियां। रत्नों का  महत्व  आपके जीवन पर कैसा होगा , यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने रत्न को कैसे, किस दिन, और किस समय धारण किया है। रत्नो का धारण करने के लिए कुछ विशेष बात जो आपको शुभ फल मिलेगा। रत्न धारण करने का मंत्र क्या होगा किस नक्षत्र में रत्न को धारण करना है इसका उल्लेख भी विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु मनीष साईं जी ने बताया है। जानिए कौन से दिन किस ग्रह का रत्न कैसे धारण करते हैं और उस रत्न के साथ यदि कोई दूसरा रत्न धारण करते हैं तो वह लाभ देगा या नुकसान। ▪सूर्य को शक्तिशाली बनाने में माणिक्य का प...