घर की छत पर रखा पानी का टैंक, बन सकता है प्रगति में बाधक -मनीष साईं

🚩🚩घर की छत पर रखा पानी का टैंक, बन सकता है प्रगति में बाधक -मनीष साईं

हर घर में पानी की आवश्यकता होती है तो कभी पानी की कमी ना हो इसलिए व्यक्ति अपने घर की छतों पर पानी की टंकी की व्यवस्था करवाते है, टंकी लगवाते समय अधिकतर लोग इस बात को जरा भी ध्यान में नहीं रखते की टंकी की उचित दिशा क्या होनी चाहियें, जहाँ पर जगह मिलती है वहीं पर टंकी लगवा देते हैं।

रेमेडियल वास्तुशास्त्र के अनुसार गलत दिशा में लगी टंकी आपका जीवन बर्बाद कर सकती है। पानी का टैंक वास्तु को बहुत अधिक प्रभावित करता है। उचित दिशा में टैंक नहीं होने पर व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों का सामाना करना पड़ सकता है। इससे उन्नति में भी बाधा आती और स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। इसलिए पानी का टैंक लगवाते समय वास्तु का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

रेमेडियल वास्तु के अनुसार उत्तर एवं पूर्व दिशा जल के लिए उत्तम दिशा है। इस दिशा में घर के अंदर वॉटर प्यूरिफायर, घड़ा अथवा दूसरे जल पात्र का होना शुभ होता है जबकि इस दिशा में पानी का टैंक  होने पर वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है। इससे व्यापार में नुकसान, घर में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव अथवा आकस्मिक दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

मेरे अनुभव के आधार पर उत्तर पूर्व दिशा भी पानी का टैंक रखने के लिए उचित नहीं है इससे तनाव बढ़ता है और पढ़ने-लिखने में बच्चों का मन नहीं लगता है। दक्षिण पूर्व दिशा को भी पानी का टैंक लगाने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है क्योंकि इस दिशा को अग्नि की दिशा कहा गया है। अग्नि और पानी का मेल होने से गंभीर वास्तु दोष उत्पन्न होता है।

◼◼ टैंक लगाने के लिए शुभ दिशा-

 रेमेडियल वास्तु के अनुसार दक्षिण पश्चिम यानी अन्य दिशा से ऊंचा और भारी होना शुभ फलदायी होता है। छत पर पानी का टैंक इस दिशा में लगाने से अन्य भागों की अपेक्षा यह भाग ऊंचा और भारी हो जाता है। इसलिए उन्नति और समृद्घि के लिए दक्षिण पश्चिक दिशा में पानी का टैंक लगाना चाहिए।

इस दिशा टैंक लगाते समय यह भी ध्यान रखें कि इस दिशा की दीवार टैंक से ऊंची हो इससे आय में वृद्घि होती है और लंबे समय तक मकान का सुख मिलता है। अगर दक्षिण पश्चिम दिशा में टंकी लगाना संभव नहीं हो तक दक्षिण अथवा पश्चिक दिशा में विकल्प के तौर पर टंकी लगाया जा सकता है। लेकिन यह ध्यान रखें कि दक्षिण की दीवार टंकी से ऊंची हो। वास्तु कंपास में दर्शाई गई डिग्री के अनुसार यदि पानी का टैंक 105 डिग्री से लेकर 195 डिग्री के बीच में लगा है जो कि दक्षिण-पूर्व का हिस्सा होता है तो बहुत घातक है ऐसे घर में रहने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रहता है।

 🔹🔹यदि आपके घर में पानी का टैंक वास्तु के हिसाब से सही नहीं लगा है तो आप उस स्थान का फोटो, घर का नक्शा तथा छत का नक्शा बनाकर "साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन"के WhatsApp नंबर पर भेज सकते हैं।परम पूज्य गुरुदेव मनीष साईं जी के परामर्श से आपके घर का वास्तु शत-प्रतिशत ठीक हो सकता है।2500000 लोगों के जीवन में परम पूज्य गुरुदेव के परामर्श से बदलाव आया है।
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