भूत-प्रेत एवं उपरी हवा से बचने के सरल एवं महत्वपूर्ण उपाय

🔸तंत्र शास्त्र 🔸
🔶 गुरु श्री मनीष साईं जी के अनुसार-

🚩🚩भूत-प्रेत एवं उपरी हवा से बचने के सरल एवं महत्वपूर्ण उपाय🚩🚩

आधुनिक युग में भूत प्रेत अथवा ऊपरी हवाओं के बारे में विश्वास करना कठिन लगता है लेकिन विज्ञान के इस युग में इनके अस्तित्व को नकारा नहीं जा सकता है। न केवल हमारे यहां बल्कि विश्व भर में भूत प्रेतों अथवा ऊपरी हवाओं से संबंधित समाचार लगातार सुनने को मिलते रहते हैं। मेरे पास प्रतिदिन हजारों SMS और ईमेल के माध्यम से लोग तरह- तरह की अजीब घटनाएं बताते है, एवं उनका समाधान चाहते हैं। 20 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा  में मैंने यह जाना है कि भूत प्रेत एवं ऊपरी हवाओं का प्रभाव शत प्रतिशत सही है। मेरी स्वयं की बनाई हुई साईं ऊर्जा तकनीक से में किसी भी आत्मा से बात कर सकता हूं, और उसकी मुक्ति का मार्ग पूछ सकता हूं।
ऊपरी हवाओं का प्रभाव साफ तौर पर दिखाई देता है। व्यक्ति अच्छा भला और स्वस्थ होता है, लेकिन अचानक वह अजीब सी हरकतें करने लग जाता है। एक व्यक्ति किसी विशेष दिन और समय को असामान्य हो जाता है। व्यक्ति नया मकान खरीदता है जैसे ही वह उसमें रहने को जाता है वहां पर अजीब प्रकार की घटनाएं होने लगती है। यह सब ऊपरी हवाओं से संबंधित बातें हैं।यह जरूरी नहीं है कि इस प्रकार की हवाएं हमेशा व्यक्ति को परेशान करती है। किंतु सभी इससे भयभीत अवश्य रहते हैं वह प्रयास करते हैं कि इस प्रकार की ऊपरी हवाओं से बचा जाए आज का मेरा यह आर्टिकल इसी से संबंधित कुछ उपयोगी उपायों के बारे में आपको जानकारी दे रहा है कि ऊपरी हवाओ से कैसे सावधानी रखें।

🔶🔶ऊपरी हवा से सावधानी-

🔶1- स्त्री एवं पुरुष वर्ग को कभी भी जल में नग्नावस्था में नहीं जाना चाहिए चाहे वह कितने ही एकांत स्थान पर क्यों ना हो। इसका मुख्य कारण जल में देवों का वास होता है और कोई भी नग्न स्नान करता है तो उसे ज्ञात नहीं होता है कि उसको कितनी आंखे घूर रही है देखा गया है कि एकांत स्थान पर ऊपरी हवाई अधिक होती है और वह सुंदर शरीर पर अतिशीघ्र आकर्षित होती है।

🔶2- पवित्र नदी या आप जिस स्थान पर घर के बाहर स्नान कर रहे हैं यह ध्यान रखे कि जल में कभी भी मूत्र का त्याग नहीं करना चाहिए।

🔶3- कुए या बावड़ी में कोई भी गंदी वस्तु नहीं फेंकने चाहिए क्योंकि हुए एवं बावड़ी में जिन्नो की एक जाति वास करती है जो बहुत ही क्रोधित स्वभाव की होती है जो व्यक्ति गंदी वस्तु फेंकता है उस पर उनका प्रभाव तत्काल हो जाता है।

🔶4- सूर्य की ओर मुख कर कभी मुत्र त्याग नहीं करना चाहिए इसी प्रकार अग्नि पर भी कभी मूत्र त्याग नहीं करना चाहिए।

🔶5- कब्रिस्तान में कभी कुछ नहीं खाना चाहिए और न ही मूत्र त्याग करना चाहिए।

🔶6- ऊपरी हवाओं के विषय में कुछ वृक्षों का बहुत अधिक महत्व ऐसा माना जाता है कि इन्हीं विशेष वृक्षों के ऊपर ऊपरी हवाओं का बसेरा होता है जैसे कि पीपल वृक्ष, गूलर वृक्ष, बबूल वृक्ष, मोलसरी। इसलिए जब इन वृक्षों के नीचे कोई गंदगी करता है अथवा तीव्र गंध का प्रयोग करता है तो ऊपरी हवाएं उन्हें अपने प्रभाव में ले लेती है।
🔶7- किसी कन्या को अथवा नव विवाहित स्त्री को हथवा जिसका विवाह हो रहा है उस कन्या को कभी भी मेहंदी लगा कर किसी एकांत स्थान पर अथवा रात्रि में अकेले नहीं जाना चाहिए और नहीं श्मशान अथवा कब्रिस्तान के पास से गुजरना चाहिए। ऊपरी हवाओं को मेहंदी की गंध बहुत प्रिय है वह इस गंध के प्रति आकर्षित हो सकती है। कोई खुशबूदार सामग्री का प्रयोग भी इन स्थानों पर नहीं करना चाहिए क्योंकि ऊपरी हवाएं इन गंधों से भी बहुत जल्दी आकर्षित होती है। यह सावधानी बच्चों के साथ भी रखनी चाहिए।
🔶8- पीपल, गूलर, बबूल और मोलसरी जैसे वृक्षों के पास अथवा श्मशान या कब्रिस्तान के पास से कोई भी मिठाई अथवा सफेद स्वादिष्ट व्यंजन अथवा बुरा लेकर नहीं निकलना चाहिए इनसे भी ऊपरी हवाएं बहुत जल्दी आकर्षित होती है। इसके साथ ही रात्रि में कोई सफेद खुशबू के फूल जैसे रात की रानी अथवा चंपा आदि लेकर नहीं निकलना चाहिए।
🔶9- किसी के यहां आप मिलने जाएं अथवा कोई आपके यहां मिलने आए यह ध्यान रखे कि विशेष रुप से दिया गया केला, सेव, फल, हरी इलायची और लौंग नहीं खाना चाहिए क्योंकि इन के माध्यम से प्रयोग बहुत जल्दी हो जाता है।

🔶🔶ऊपरी हवाओं से बचाव के उपाय-

🔶1- यदि आपको लगता है कि आप पर कोई कुछ जादू -टोना कर सकता है तो नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। हनुमान चालीसा के पाठ से भगवान हनुमान जी की कृपा आप पर एक कवच के रूप में बनी रहती है। सात चक्र तंत्र-मंत्र परिवर्तन लॉकेट पहनने से भी भूत प्रेत निकट नहीं आते हैं।
🔶2- यदि आप एकांत में किसी स्थान पर जा रहे हैं या श्मशान कब्रिस्तान या किसी पवित्र नदी के आसपास तो यह ध्यान रखें कि अपनी जेब में एक जायफल रखकर जाना चाहिए यदि आपकी जेब में जायफल होगा ऊपरी अभाव का प्रभाव आपसे कोसों दूर रहेगा।
🔶3- यदि किसी भी घर में ऊपरी हवा का प्रवेश होता है तो उस घर में नियमित रूप से एक सदस्य सूर्य देव को जल दे, तथा गंगा जल छिड़के। प्रतिदिन दुनिया का सबसे छोटा और महत्वपूर्ण यज्ञ साईं अग्नि यज्ञ करें इसके प्रभाव से ऊपरी हवाओ जैसी नकारात्मक शक्तियां खत्म होती है। इसके अलावा प्रत्येक शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करने से धीरे-धीरे वह हवा बाहर चली जाती है और फिर कभी प्रवेश नहीं करती।
🔶4-यदि कोई व्यक्ति ऊपरी हवा से पीड़ित हो गया है तो उसके बिस्तर के पास नीम के सूखे पत्ते जलाने से उसे आराम होता है।
🔶5- ऊपरी हवाओं से घिरे व्यक्ति पर मंगलवार व शनिवार को एक साबुत निंबू लेकर सिर से पैर तक सात बार उतारें। फिर नींबू को मुख्य द्वार की चौखट पर रखकर चार टुकड़े करें ।चारों टुकड़ों को चौराहे के प्रत्येक मार्ग पर फेंके और बिना पीछे देखे घर आ जाएं घर में प्रवेश करने से पहले हाथ पैर अवश्य धोए।

🔶6- मेरे अनुभव के आधार पर एक महत्वपूर्ण उपाय आपको बता रहा हूं जो कि बहुत प्रभावी है। किसी भी शुभ दिन से आप यह प्रयोग कर सकते हैं। 200 ग्राम साबुत नमक तथा गुग्गुल, लोबान, फिटकरी, धूप,घी  प्रत्येक सामग्री सो ग्राम की मात्रा में ले लें। अब इन सभी सामग्रियों को मिलाकर पीस कर 40 पुड़िया बना लें । सूर्यास्त एवं सूर्योदय के समय घर के पूजा स्थान में एक हवन कुंड में गाय के गोबर का एक कंडा जलाएं और एक पुड़िया में डंठल वाली साबुत लाल मिर्च मिला कर प्रभु का नाम लेकर जलते कंडे में डाल दें और जलने के साथ धुआं होने दें। ठंडा होने पर सारी राख रुपी भभूत एकत्रित कर ले। अगले दिन पुनः यही क्रिया करें और भभूत एकत्रित करते रहें। 40 दिन के बाद जितनी भभूत एकत्रित हो उसमें से थोड़ी सी बचाकर बाकी बहते जल में प्रवाहित कर दें। जो भभूत बचा कर रखी है उसे नियमित रूप से पीड़ित व्यक्ति को तिलक करें। कुछ ही समय में आपको चमत्कार दिखाई देगा।यह उपाय उन सभी के लिए प्रभावशाली है जो किसी प्रकार की उपरी हवा से पीड़ित है। अथवा जिनको भय रहता है कि उन पर किसी हवा का प्रवेश हो सकता है।
🔶7- मेरे अनुभव के आधार पर एक सरल परंतु प्रभावशाली उपाय आपको बता रहा हूं इस उपाय में एक साबुत निंबू लेकर पीड़ित व्यक्ति को लिटाकर उसके सिर से पैर तक सात बार इशारा करें प्रत्येक बार उसारा करते समय "ॐ हं हनुमंतये रुद्रात्मकाय हुं फट्" का जाप करें। उसारे के बाद हनुमानजी से मानसिक प्रार्थना करें कि हे प्रभु मैंने यह कार्य तेरे नाम पर किया है तथा अमुक व्यक्ति जिसके लिए उसारा किया जा रहा है उसका नाम बोलें फिर बोले कि इस समस्या से मुक्ति दिला कर इस पर कृपा करें। इसके बाद नींबू को किसी सुनसान चौराहे पर ले जाकर चार भागों में काटे और प्रत्येक दिशा में फेंक कर घर आ जाए। इसमें ध्यान रखे कि नींबू काटने के बाद छुरी भी वही फेंकनी है। वापस आते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना है और घर में प्रवेश से पहले हाथ पैर धोने हैं।
♦♦यदि आप पर भूत-प्रेत का साया है? ऊपरी हवाओं का प्रभाव है? और उसका कोई निराकरण नहीं समझ में आ रहा है तो आप यह जान लीजिए की पैरानार्मल साइंस पर हमारे संस्थान में बहुत कार्य किया है और वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तरीके से इससे छुटकारा दिलाने के लिए हम लगातार प्रयासरत है। हजारों लाखों लोगों के जीवन में इस तरह की बाधाओं को हमने खत्म किया है आप भी साई अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन के WhatsApp नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आपके जीवन में किसी भी तरह की परेशानी है तो वह ज्योतिष वास्तु एवं तंत्र विज्ञान के माध्यम से आप ठीक कर सकते हैं।

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