मस्तिष्क से संबंधितं रोगों को इस मंत्र से ठीक करें- मनीष साईं
▪मेडिकल एस्ट्रोलॉजी▪
🚩🚩मस्तिष्क से संबंधितं रोगों को इस मंत्र से ठीक करें- मनीष साईं
मन एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों की ज्योतिष में स्पष्ट व्याख्या की गई है। आप माने या ना माने इस आधुनिक युग में भी मंत्र चिकित्सा से इन रोगों का निदान संभव है।मंत्र चिकित्सा से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आज मैं ज्योतिष में मन और मस्तिष्क संबंधी रोग किन ग्रहों के कारण उत्पन्न होते हैं इसकी व्याख्या करूंगा और एक मंत्र आपको बताऊंगा जिससे इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं-
मस्तिष्क से संबंधित रोग-
▪ यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र, बुध की युति केंद्र स्थान में हो अथवा यह दोनों ग्रह लग्र भाव में स्थित हो तो व्यक्ति उन्मादी या अल्पबुद्धि वाला हो सकता है।
▪भाग्य एवं संतान भाव में सूर्य-चंद्र हो तो व्यक्ति का मानसिक विकास ठीक से नहीं हो पाता।
▪ गुरु और शनि केंद्र में स्थित हो और शनिवार या मंगलवार का जन्म हो तो व्यक्ति पागल हो सकता है।
▪ यदि मंगल सप्तम स्थान में तथा लग्र में गुरु हो तो व्यक्ति किसी सदमे से पागल हो जाता है।
▪यदि कमजोर चंद्र, शनि के साथ द्वादश भाव में युति करता है तो जातक पागल हो जाता है।
▪ मंगल, पंचम, सप्तम, नवम भाव में हो तो भी जातक पागल हो सकता है।
▪ कमजोर बुध केंद्र में या लग्र में बैठा हो तो वह व्यक्ति मंदबुद्धि होता है।
इन सभी योगों के साथ ही कुंडली के अन्य योगों और ग्रहों की स्थिति का भी अध्ययन किया जाना चाहिए। कुछ परिस्थितियों में दूसरों ग्रहों के प्रभाव ये अशुभ फल स्वत: ही समाप्त हो जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र केे अनुसार लग्न या लग्नेष या चन्द्रमा राहु से पापाक्रांत हो या इन स्थानों पर राहु या शनि की दृष्टि या तीसरा स्थान या उस स्थान का स्वामी राहु से आक्रांत या छठवे, आठवे या बारहवे हो जाए या राहु से दृष्ट हो, तो जातक अपने को अकेला अनुभव करता है,जिससे डिप्रेषन के कारण रोग का आरम्भ होता हैं। यदि बीमारी चिकित्सकी निदान से ठीक ना हो रही हो तो उस व्यक्ति की कुंडली का विष्लेषण कराया जा कर ज्योतिषीय निदान लेना चाहिए।
पूर्ण कुंडली का अध्ययन करने पर ही सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।
यदि आप मस्तिष्क रोग से पीड़ित है तो मैं एक मंत्र आपको बताने जा रहा हूं जिससे आपको बहुत लाभ होगा इसके अलावा सात चक्र पावर ग्रिड नाम का एक यंत्र बाजार में मिलता है वह खरीद कर उसके नीचे अपना फोटो रखें तथा उसे 10 मिनट तक अपने हाथों से प्रतिदिन ऊर्जा प्रदान करें तो निश्चित तौर पर मन सकारात्मक दिशा में काम करेगा तथा परिणाम अच्छे मिलेंगे। वास्तु में भी कई ऐसे उपाय हैं तथा घर की स्थिति क्या है उसके अनुसार आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।कई ऐसी तांत्रिक क्रियाएं भी हैं जिनके जरिए मानसिक स्तर को वापस बेहतर बनाया जा सकता है। आप मेरे संस्थान से अभिमंत्रित जल भी मंगवा सकते हैं।
▪▪ मंत्र जाप मस्तिष्क रोग-
ॐ उमा देवीभ्यां नम:।
यह मंत्र मस्तिष्क संबंधी विभिन्न रोगों जैसे डिप्रेशन मूड डिसऑर्डर,सिरदर्द, हिस्टीरिया, याददाश्त जाने आदि में लाभदायी माना जाता है।
◾◾ यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं और इलाज नहीं लग रहा है,दवाइयां बेअसर हो चुकी है, तो आप हमारे संस्थान के WhatsApp नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।परम पूज्य गुरुदेव श्री मनीष साईं जी से अभिमंत्रित जल प्राप्त कर सकते हैं।इस जल के सेवन से आप जो भी दवाइयां लेंगे वह आपके शरीर पर लगने लगेगी तथा रोग आपके ठीक होने लगेंगे।संस्थान के नंबरों पर आप सीधे भी संपर्क कर सकते हैं। ◾हमारा पता है -
साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन 156, सहयोग विहार शाहपुरा थाने के पास बावड़िया कला भोपाल मध्य प्रदेश संपर्क 9617950498,9425150498
WhatsApp नंबर 7000632297
वेबसाइट-www.Gurumanishsai.com
🚩🚩सबका भला हो सब सुख पाए🚩🚩
🚩🚩मस्तिष्क से संबंधितं रोगों को इस मंत्र से ठीक करें- मनीष साईं
मन एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों की ज्योतिष में स्पष्ट व्याख्या की गई है। आप माने या ना माने इस आधुनिक युग में भी मंत्र चिकित्सा से इन रोगों का निदान संभव है।मंत्र चिकित्सा से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आज मैं ज्योतिष में मन और मस्तिष्क संबंधी रोग किन ग्रहों के कारण उत्पन्न होते हैं इसकी व्याख्या करूंगा और एक मंत्र आपको बताऊंगा जिससे इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं-
मस्तिष्क से संबंधित रोग-
▪ यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र, बुध की युति केंद्र स्थान में हो अथवा यह दोनों ग्रह लग्र भाव में स्थित हो तो व्यक्ति उन्मादी या अल्पबुद्धि वाला हो सकता है।
▪भाग्य एवं संतान भाव में सूर्य-चंद्र हो तो व्यक्ति का मानसिक विकास ठीक से नहीं हो पाता।
▪ गुरु और शनि केंद्र में स्थित हो और शनिवार या मंगलवार का जन्म हो तो व्यक्ति पागल हो सकता है।
▪ यदि मंगल सप्तम स्थान में तथा लग्र में गुरु हो तो व्यक्ति किसी सदमे से पागल हो जाता है।
▪यदि कमजोर चंद्र, शनि के साथ द्वादश भाव में युति करता है तो जातक पागल हो जाता है।
▪ मंगल, पंचम, सप्तम, नवम भाव में हो तो भी जातक पागल हो सकता है।
▪ कमजोर बुध केंद्र में या लग्र में बैठा हो तो वह व्यक्ति मंदबुद्धि होता है।
इन सभी योगों के साथ ही कुंडली के अन्य योगों और ग्रहों की स्थिति का भी अध्ययन किया जाना चाहिए। कुछ परिस्थितियों में दूसरों ग्रहों के प्रभाव ये अशुभ फल स्वत: ही समाप्त हो जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र केे अनुसार लग्न या लग्नेष या चन्द्रमा राहु से पापाक्रांत हो या इन स्थानों पर राहु या शनि की दृष्टि या तीसरा स्थान या उस स्थान का स्वामी राहु से आक्रांत या छठवे, आठवे या बारहवे हो जाए या राहु से दृष्ट हो, तो जातक अपने को अकेला अनुभव करता है,जिससे डिप्रेषन के कारण रोग का आरम्भ होता हैं। यदि बीमारी चिकित्सकी निदान से ठीक ना हो रही हो तो उस व्यक्ति की कुंडली का विष्लेषण कराया जा कर ज्योतिषीय निदान लेना चाहिए।
पूर्ण कुंडली का अध्ययन करने पर ही सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।
यदि आप मस्तिष्क रोग से पीड़ित है तो मैं एक मंत्र आपको बताने जा रहा हूं जिससे आपको बहुत लाभ होगा इसके अलावा सात चक्र पावर ग्रिड नाम का एक यंत्र बाजार में मिलता है वह खरीद कर उसके नीचे अपना फोटो रखें तथा उसे 10 मिनट तक अपने हाथों से प्रतिदिन ऊर्जा प्रदान करें तो निश्चित तौर पर मन सकारात्मक दिशा में काम करेगा तथा परिणाम अच्छे मिलेंगे। वास्तु में भी कई ऐसे उपाय हैं तथा घर की स्थिति क्या है उसके अनुसार आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।कई ऐसी तांत्रिक क्रियाएं भी हैं जिनके जरिए मानसिक स्तर को वापस बेहतर बनाया जा सकता है। आप मेरे संस्थान से अभिमंत्रित जल भी मंगवा सकते हैं।
▪▪ मंत्र जाप मस्तिष्क रोग-
ॐ उमा देवीभ्यां नम:।
यह मंत्र मस्तिष्क संबंधी विभिन्न रोगों जैसे डिप्रेशन मूड डिसऑर्डर,सिरदर्द, हिस्टीरिया, याददाश्त जाने आदि में लाभदायी माना जाता है।
◾◾ यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं और इलाज नहीं लग रहा है,दवाइयां बेअसर हो चुकी है, तो आप हमारे संस्थान के WhatsApp नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।परम पूज्य गुरुदेव श्री मनीष साईं जी से अभिमंत्रित जल प्राप्त कर सकते हैं।इस जल के सेवन से आप जो भी दवाइयां लेंगे वह आपके शरीर पर लगने लगेगी तथा रोग आपके ठीक होने लगेंगे।संस्थान के नंबरों पर आप सीधे भी संपर्क कर सकते हैं। ◾हमारा पता है -
साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन 156, सहयोग विहार शाहपुरा थाने के पास बावड़िया कला भोपाल मध्य प्रदेश संपर्क 9617950498,9425150498
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