शनि देव कुंडली में अशुभ स्थिति में है तो, मुक्ति के लिए यह उपाय करें: मनीष साईं
🚩🚩शनि देव कुंडली में अशुभ स्थिति में है तो, मुक्ति के लिए यह उपाय करें: मनीष साईं🚩🚩
यदि आपकी पत्रिका में साढ़ेसाती चल रही है, अथवा शनि देव अशुभ स्थिति में है तो आप मेरे इस महत्वपूर्ण आर्टिकल्स में बताए गए उपायों में से कोई भी उपाय कर कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यहां पर बताए गए सभी उपाय पूर्ण सात्विक है। इनके करने से किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती है। आप किसी भी प्रकार के शनिकृत कष्ट भोग रहे हैं, उनसे छुटकारा पाने के लिए आपने यह उपाय किए तो अवश्य आपको लाभ होगा।
🔶 शनिवार की रात्रि में अपने पलंग के चार पायों के नीचे कील रखें। सवा मीटर रेशमी काले कपड़े में 800 ग्राम उड़द के साथ 8 लोहे के गोल सिक्के एवं स्टील के पत्तर के साथ सवा सौ ग्राम लौंग और काजल में चंदन का इत्र मिलाकर सोते समय सिरहाने रखें। अगले दिन प्रातः स्नान के बाद किलो को निकाल कर काले कपड़े के चारों कोनों में बांधकर बाकी सामग्री भी कपड़े में रखकर पोटली जैसा रूप दे दे अपने सिर से सात बार उतार कर किसी बहते जल में प्रवाहित करें। शनिदेव की स्थिति अशुभ से शुभ स्थिति में आ जाएगी।
🔶 यदि आपको शनिकृत कष्ट अधिक है तो शनिवार को अंधकार होने के बाद पीपल पर मीठा जल अर्पित कर सरसों के तेल का दीपक व धूप अगरबत्ती अर्पित करने के साथ वहीं बैठ कर क्रमशः हनुमान, भैरव व शनि चालीसा का पाठ करें। इस उपाय से तुरंत लाभ प्राप्त होता है। यदि आप सामान्य सेवा करना चाहते हैं तो उपरोक्त प्रकार से पीपल की सेवा सात बार परिक्रमा देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे भी काफी लाभ मिलता है।
🔶 शनि का छाया दान अवश्य करें वह नीलम अथवा उपरत्न धारण करें और सबसे सरल एवं अच्छा उपाय यह है कि ब्लैक स्टोन से बना सात चक्र पिरामिड यंत्र जिसे पावर ग्रिड कहते हैं ,उसके नीचे अपना फोटो रखें तत्काल शनिकृत कष्ट खत्म हो जाएंगे।
🔶 शनिवार को आप एक ही माप की 8 बोतल ले ले और हर बोतल में एक ही माप का सरसों का तेल भरें । प्रत्येक में 8 साबुत उड़द के दाने व एक कील डालें। फिर आठों बोतल को अपने ऊपर से 8 बार उतार कर बहते जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रकार आप यह क्रिया लगातार 8 शनिवार करें, परिवर्तन स्पष्ट महसूस होगा।
🔶 किसी शनिवार को यदि आपको किसी भी रंग के घोड़े की नाल राह चलते मिल जाए तो आप उसे उठा कर घर से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें। शनि के नक्षत्र में किसी पात्र में सरसों का तेल भरकर नाल को उस में रख दें। काले तिल, 8 किल, सवा रुपैया भी रख दें। अब जिस नक्षत्र में आपने नाल डुबोई है उसके अगले माह जब वह नक्षत्र पुनः आए तो नाल को पात्र से निकालकर पंचतत्व अथार्थ जल, शुद्ध घी, शहद अथवा शक्कर, दही और दूध से क्रमानुसार शुद्ध कर घर के मुख्य द्वार पर अंदर की ओर यू (U) के रूप में किलो की मदद से लगा दे। फिर रोली से तिलक, बिंदी कर धूप- दीप से आरती उतारे अथवा तेल व अन्य सामग्री पीपल पर अर्पित कर दें। यदि आप नियमित रुप से अगरबत्ती दिखा सकते हो तो बहुत अच्छा है। अब आप 27 दिन तक देखे कि आप का क्या लाभ प्राप्त हो रहा है। यदि आप महसूस कर रहे हैं कि आपको लाभ नहीं हो रहा है तो पुनः उसी नक्षत्र में नाल को यूं के विपरीत लगा दे (नक्षत्र शनि -पुष्य, अनुराधा अथवा उत्तराभाद्रपद)
🔶 शनिवार को काली गाय की सेवा करें तिलक, बिंदी कर उस के सिंह पर कलावा बांध कर बूंदी के 8 लड्डू खिलाएं और चरण स्पर्श करें। निश्चित तौर पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कम होगा।
🔶पत्रिका में शनि यदि लग्न में बैठा हो तो जमीन पर सुरमा गाड़े। वृक्ष की जड़ के साथ सूरमा दूध में उबालें और फिर उसका नियमित तिलक करें इससे भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
🔶 शनिवार का व्रत अवश्य रखें तथा पीपल की सेवा करें व मीठा जल अर्पित करें।
🔶 शनि के अशुभ होने पर व्यक्ति को शराब नहीं पीना चाहिए अन्यथा उसकी बर्बादी का कोई नहीं रोक सकता।
🔶 शनिवार को अंधेरा होने पर पीपल के वृक्ष पर हनुमान जी का स्मरण कर तिल के तेल के दीपक में सिंदूर डालकर लाल पुष्प अर्पित करें।
🔶 भोजन में काली मिर्च व काला नमक अवश्य प्रयोग करें।
🔶 घर के मुख्य द्वार पर देहरी पर चांदी का पत्तर दबाएं।
🔶घर के किसी अंधेरे भाग में किसी लोहे के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें तांबे के सिक्के डाल कर रखें।
🔶 शनि देव की कोई भी वस्तु बिना पैसे दिए किसी से भी ना ले।
🔶 शनिवार को काले घोड़े की पूंछ करार बाल लेकर उन्हें किसी लकड़ी के डिब्बे में रख कर 43 दिन तक अपने शयनकक्ष में रखें। अंतिम दिन बाल को जलाकर उसकी राख को सरसों के तेल में मिलाकर बहते जल में प्रवाहित कर दें।
🔶 शुक्रवार को 800 ग्राम काले तिल पानी में भिगो दें अगले दिन उन्हें पीसकर गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू बनाए और काले घोड़े को खिलाएं यह उपाय 8 शनिवार करें।
🔶 साढेसाती में अपनी पैतृक संपत्ति ना बेचे अन्यथा कष्ट अधिक हो जाएंगे।
🔶 नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से शनिकृत कष्टों में कमी आती है।
🔶 नियमित रूप से शनि चालीसा और उनके 108 नामों का उच्चारण करें।
🔶 प्रातः उठते ही बासे मुख से शनिदेव के 10 नामों का उच्चारण तथा द्वादश ज्योतिर्लिंग के नामों का उच्चारण भी करें।
🔶 प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को रोटी पर सरसों का तेल चुपड़कर गुड रखकर खिलाए व बंदरों को चने खिलाए।
🔶 शनिवार को काले घोड़े के पैर की मिट्टी काले कपड़े में बांधकर ताबीज के रूप में धारण करें।
🔶 प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय के समय काले हकीक की माला से शनि देव का तांत्रिक मंत्र "ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः।" "Om pram prim praum sah shanaye namah" प्रतिदिन जाप करें बहुत लाभ होगा।
🔶🔶 यदि आपकी कुंडली में किसी भी प्रकार का कोई दोष है और उसके कारण आप के जीवन में परेशानी आ रही है तो आप साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन के WhatsApp नंबर पर अपनी कुंडली से संबंधित जानकारी को भेज सकते हैं। संस्थान में आपकी कुंडली पर रिसर्च किया जाएगा तथा उससे संबंधित समाधान आपको आपके रजिस्टर्ड नंबर पर प्रेषित कर दिए जाएंगे। हमारे WhatsApp नंबर पर आप जानकारी भेजते हैं, तो हमारे यहां से एक रजिस्ट्रेशन नंबर आपको प्राप्त होता है, उस रजिस्ट्रेशन नंबर के प्राप्त होने के साथ ही आप आजीवन हमारे यहां पर रजिस्टर्ड हो जाते हैं परम पूज्य गुरुदेव श्री मनीष साईं जी के सानिध्य में विश्व के 2500000 लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। इस परिवर्तन का हिस्सा आप भी बन सकते हैं।
🔶🔶हमारा पता है-
साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन
156, सहयोग विहार, शाहपुरा थाने के पास भोपाल ,मध्य प्रदेश
संपर्क -9617950498
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वेबसाइट-www.gurumanishsai.com
🔸गुरुदेव से बात करने का समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक🔸
🚩🚩सबका भला हो सब सुख पाए🚩🚩
यदि आपकी पत्रिका में साढ़ेसाती चल रही है, अथवा शनि देव अशुभ स्थिति में है तो आप मेरे इस महत्वपूर्ण आर्टिकल्स में बताए गए उपायों में से कोई भी उपाय कर कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यहां पर बताए गए सभी उपाय पूर्ण सात्विक है। इनके करने से किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती है। आप किसी भी प्रकार के शनिकृत कष्ट भोग रहे हैं, उनसे छुटकारा पाने के लिए आपने यह उपाय किए तो अवश्य आपको लाभ होगा।
🔶 शनिवार की रात्रि में अपने पलंग के चार पायों के नीचे कील रखें। सवा मीटर रेशमी काले कपड़े में 800 ग्राम उड़द के साथ 8 लोहे के गोल सिक्के एवं स्टील के पत्तर के साथ सवा सौ ग्राम लौंग और काजल में चंदन का इत्र मिलाकर सोते समय सिरहाने रखें। अगले दिन प्रातः स्नान के बाद किलो को निकाल कर काले कपड़े के चारों कोनों में बांधकर बाकी सामग्री भी कपड़े में रखकर पोटली जैसा रूप दे दे अपने सिर से सात बार उतार कर किसी बहते जल में प्रवाहित करें। शनिदेव की स्थिति अशुभ से शुभ स्थिति में आ जाएगी।
🔶 यदि आपको शनिकृत कष्ट अधिक है तो शनिवार को अंधकार होने के बाद पीपल पर मीठा जल अर्पित कर सरसों के तेल का दीपक व धूप अगरबत्ती अर्पित करने के साथ वहीं बैठ कर क्रमशः हनुमान, भैरव व शनि चालीसा का पाठ करें। इस उपाय से तुरंत लाभ प्राप्त होता है। यदि आप सामान्य सेवा करना चाहते हैं तो उपरोक्त प्रकार से पीपल की सेवा सात बार परिक्रमा देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे भी काफी लाभ मिलता है।
🔶 शनि का छाया दान अवश्य करें वह नीलम अथवा उपरत्न धारण करें और सबसे सरल एवं अच्छा उपाय यह है कि ब्लैक स्टोन से बना सात चक्र पिरामिड यंत्र जिसे पावर ग्रिड कहते हैं ,उसके नीचे अपना फोटो रखें तत्काल शनिकृत कष्ट खत्म हो जाएंगे।
🔶 शनिवार को आप एक ही माप की 8 बोतल ले ले और हर बोतल में एक ही माप का सरसों का तेल भरें । प्रत्येक में 8 साबुत उड़द के दाने व एक कील डालें। फिर आठों बोतल को अपने ऊपर से 8 बार उतार कर बहते जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रकार आप यह क्रिया लगातार 8 शनिवार करें, परिवर्तन स्पष्ट महसूस होगा।
🔶 किसी शनिवार को यदि आपको किसी भी रंग के घोड़े की नाल राह चलते मिल जाए तो आप उसे उठा कर घर से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें। शनि के नक्षत्र में किसी पात्र में सरसों का तेल भरकर नाल को उस में रख दें। काले तिल, 8 किल, सवा रुपैया भी रख दें। अब जिस नक्षत्र में आपने नाल डुबोई है उसके अगले माह जब वह नक्षत्र पुनः आए तो नाल को पात्र से निकालकर पंचतत्व अथार्थ जल, शुद्ध घी, शहद अथवा शक्कर, दही और दूध से क्रमानुसार शुद्ध कर घर के मुख्य द्वार पर अंदर की ओर यू (U) के रूप में किलो की मदद से लगा दे। फिर रोली से तिलक, बिंदी कर धूप- दीप से आरती उतारे अथवा तेल व अन्य सामग्री पीपल पर अर्पित कर दें। यदि आप नियमित रुप से अगरबत्ती दिखा सकते हो तो बहुत अच्छा है। अब आप 27 दिन तक देखे कि आप का क्या लाभ प्राप्त हो रहा है। यदि आप महसूस कर रहे हैं कि आपको लाभ नहीं हो रहा है तो पुनः उसी नक्षत्र में नाल को यूं के विपरीत लगा दे (नक्षत्र शनि -पुष्य, अनुराधा अथवा उत्तराभाद्रपद)
🔶 शनिवार को काली गाय की सेवा करें तिलक, बिंदी कर उस के सिंह पर कलावा बांध कर बूंदी के 8 लड्डू खिलाएं और चरण स्पर्श करें। निश्चित तौर पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कम होगा।
🔶पत्रिका में शनि यदि लग्न में बैठा हो तो जमीन पर सुरमा गाड़े। वृक्ष की जड़ के साथ सूरमा दूध में उबालें और फिर उसका नियमित तिलक करें इससे भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
🔶 शनिवार का व्रत अवश्य रखें तथा पीपल की सेवा करें व मीठा जल अर्पित करें।
🔶 शनि के अशुभ होने पर व्यक्ति को शराब नहीं पीना चाहिए अन्यथा उसकी बर्बादी का कोई नहीं रोक सकता।
🔶 शनिवार को अंधेरा होने पर पीपल के वृक्ष पर हनुमान जी का स्मरण कर तिल के तेल के दीपक में सिंदूर डालकर लाल पुष्प अर्पित करें।
🔶 भोजन में काली मिर्च व काला नमक अवश्य प्रयोग करें।
🔶 घर के मुख्य द्वार पर देहरी पर चांदी का पत्तर दबाएं।
🔶घर के किसी अंधेरे भाग में किसी लोहे के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें तांबे के सिक्के डाल कर रखें।
🔶 शनि देव की कोई भी वस्तु बिना पैसे दिए किसी से भी ना ले।
🔶 शनिवार को काले घोड़े की पूंछ करार बाल लेकर उन्हें किसी लकड़ी के डिब्बे में रख कर 43 दिन तक अपने शयनकक्ष में रखें। अंतिम दिन बाल को जलाकर उसकी राख को सरसों के तेल में मिलाकर बहते जल में प्रवाहित कर दें।
🔶 शुक्रवार को 800 ग्राम काले तिल पानी में भिगो दें अगले दिन उन्हें पीसकर गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू बनाए और काले घोड़े को खिलाएं यह उपाय 8 शनिवार करें।
🔶 साढेसाती में अपनी पैतृक संपत्ति ना बेचे अन्यथा कष्ट अधिक हो जाएंगे।
🔶 नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से शनिकृत कष्टों में कमी आती है।
🔶 नियमित रूप से शनि चालीसा और उनके 108 नामों का उच्चारण करें।
🔶 प्रातः उठते ही बासे मुख से शनिदेव के 10 नामों का उच्चारण तथा द्वादश ज्योतिर्लिंग के नामों का उच्चारण भी करें।
🔶 प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को रोटी पर सरसों का तेल चुपड़कर गुड रखकर खिलाए व बंदरों को चने खिलाए।
🔶 शनिवार को काले घोड़े के पैर की मिट्टी काले कपड़े में बांधकर ताबीज के रूप में धारण करें।
🔶 प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय के समय काले हकीक की माला से शनि देव का तांत्रिक मंत्र "ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः।" "Om pram prim praum sah shanaye namah" प्रतिदिन जाप करें बहुत लाभ होगा।
🔶🔶 यदि आपकी कुंडली में किसी भी प्रकार का कोई दोष है और उसके कारण आप के जीवन में परेशानी आ रही है तो आप साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन के WhatsApp नंबर पर अपनी कुंडली से संबंधित जानकारी को भेज सकते हैं। संस्थान में आपकी कुंडली पर रिसर्च किया जाएगा तथा उससे संबंधित समाधान आपको आपके रजिस्टर्ड नंबर पर प्रेषित कर दिए जाएंगे। हमारे WhatsApp नंबर पर आप जानकारी भेजते हैं, तो हमारे यहां से एक रजिस्ट्रेशन नंबर आपको प्राप्त होता है, उस रजिस्ट्रेशन नंबर के प्राप्त होने के साथ ही आप आजीवन हमारे यहां पर रजिस्टर्ड हो जाते हैं परम पूज्य गुरुदेव श्री मनीष साईं जी के सानिध्य में विश्व के 2500000 लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। इस परिवर्तन का हिस्सा आप भी बन सकते हैं।
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साईं अन्नपूर्णा सोशल फाउंडेशन
156, सहयोग विहार, शाहपुरा थाने के पास भोपाल ,मध्य प्रदेश
संपर्क -9617950498
WhatsApp नंबर-7000632297
वेबसाइट-www.gurumanishsai.com
🔸गुरुदेव से बात करने का समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक🔸
🚩🚩सबका भला हो सब सुख पाए🚩🚩

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